आगरा। आगरा में मंगलवार को भी यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना रहा, लेकिन अधिकारियों को जल्द ही पानी कम होने की उम्मीद है। आगरा में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। एक तरफ जहां बाढ़ की वजह से ख़डी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है वहीं जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है।
यमुना का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से चार फुट ऊपर 499 फुट तक पहुंच गया है लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों के इस बात के संकेत दिए हैं कि जलस्तर में शाम तक मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है। जिला प्रशासन के मुताबिक यमुना का जलस्तर अब स्थिर हो गया है और तटबंधों के नुकसान की सूचना नहीं है।
अधिकारियों ने संभावना व्यक्त की है कि बुधवार से यमुना का पानी कम होना शुरू हो जाएगा। जिलाधिकारी अमृत अभिजीत ने प्रभावित गावों के प्रमुखों को पानी के कम होने के बाद क्लोरिन का छि़डकाव करने का निर्देश दिया। अवर जिलाधिकारी (वित्त) राम आसरे ने संवाददाताओं को बताया कि कीटनाशक दवाएं खरीदने के लिए ग्राम समितिओं को 5,000 रूपये मुहैया कराए गए हैं। इधर, मथुरा और वृंदावन के निचले इलाके अभी भी पानी में डूबे हुए हैं।
भारत समाचार
आगरा में यमुना अब भी खतरे के निशान से ऊपर





















