खंडवा। मध्यप्रदेश में पावरलूम नगरी के नाम से मशहूर बुरहानपुर में पिछले तीन दिनों से सन्नाटा है। पावरलूम मजदूरों ने अपनी 123 रूपए की मजदूरी को बढ़ाकर 139 रूपए करने की मांग के समर्थन में शुक्रवार से काम बंद कर रखा है। इससे 15 लाख मीटर कप़डे का दैनिक उत्पादन जहां प्रभावित हुआ है वहीं इन पावरलूमों पर निर्भर एनटीसी की ताप्ती मिल के कामकाज पर भी प्रतिकूल असर प़डा है। ह़डताली मजदूरों का नेतृत्व कर रहे पावरलूम बुनकर संघ के अध्यक्ष अब्दुल रब अंसारी ने बताया कि नियोक्ता द्वारा ह़डताली मजदूरों को संगठित बताकर उनकी मांगों को ठुकरा दिया गया है। उन्होंने कहा कि वष 2009 में अप्रैल और अक्टूबर में देय भत्ता भी मजदूरों को नहीं मिला है। तीन लाख की आबादी वाले बुरहानपुर नगर की एक तिहाई आबादी पावरलूम पर निर्भर है और ह़डताल लंबी चली तो इनके सामने रोटी रोजी का संकट गहराने का खतरा होगा। उधर, श्रम विभाग, प्रशासन और पावरलूम उद्योग से जु़डे दोनों पक्ष नियोक्ता और मजदूरों की गोलमेज कान्फरेंस आयोजित कर संकट का संतोषजनक समझौता कराने के लिए प्रयासरत हैं लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। करीब 15 हजार पावरलूम बुनकर तीन दिनों से काम बंद कर ह़डताल पर डटे हैं। मांगें पूरी नहीं होने पर इन्होंने खंडवा- बुरहानपुर मार्ग पर गणपति नाके पर चक्का जाम करने की धमकी भी दी है।