कोई परिणाम नहीं मिला

No Result Found

भारत समाचार

मनमोहन ने फिर दिया एशिया में शांति पर जोर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने लगातार तीसरे दिन दक्षिण एशिया में शांति कायम करने पर जोर देते हुए कहा है कि भारत, पाकिस्तान और दक्षिण एशिया के अन्य देशों के भाग्य एक दूसरे से जु़डे हुए हैं। उन्होंने चीन के संबंध में भी कहा, दोनों देशों के साथ-साथ प्रगति करने के पर्याप्त अवसर हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यह विचार शुक्रवार को यहां हिंदुस्तान टाइम्स की लीडरशिप सम्मिट को संबोधित व्यक्त किए। उन्होंने इस अवसर पर सवालों के जवाब भी दिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कई अंदरूनी समस्याओं से जूझ रहा है।
 आतंकवाद का सर उठाना उनमें से एक है। मैं उनकी (पाकिस्तान सरकार) सफलता की कामना करता हूं। दोनों देशों (भारत व पाकिस्तान) और दक्षिण एशिया के अन्य देशों के भाग्य आपस में जु़डे हुए हैं। यह इस क्षेत्र के नेतृत्व का काम है कि वे संयुक्त तौर पर गरीबी हटाने का काम करें। पाकिस्तान के बारे में उन्होंने कहा, भारह्वत ऎसा प़डोसी चाहता है जिसमें शांति और प्रगति हो। हमारी शुभकामनाएं हमारे प़डोसी देशों के साथ है। हम चाहते हैं कि वे विकास करें, गरीबी हटाएं और इतिहास बोझ मुक्ति पाएं। चीन के संदर्भ में उन्होंने कहा, भारत और चीन के साथ-साथ प्रगति करने के पर्याप्त अवसर हैं। सीमा के मुद्दों पर हमारे मतभेद हैं लेकिन शांति हर हालत में कायम रहनी चाहिए।
विकास केंद्र के बूते नहीं
प्रधानमंत्री ने राज्यों में बेहतर नेतृत्व पर बल देते हुए कहा, हम दिल्ली में बैठकर राष्ट्रीय नेतृत्व की गुणवत्ता पर बहल कर सकते हैं, लेकिन भारत में असल बदलाव तब आएगा जब राज्यों और स्थानीय स्तर पर सही नेतृत्व मिलेगा। उन्होंने कहा, इसमें दोराय नहीं कि राष्ट्रीय सुरक्षा प्रदान करने के अलावा केंद्र सरकार की विकास में महत्वपूर्ण भूमिका है, मगर मार्केट या मुक्त बाजार की अर्थव्यवस्था के विकास के साथ जब व्यक्तिगत प्रतिभा को मौका मिल रहा है तब नया भारत बनाने को कोई भी एजेंडा दिल्ली यानी केंद्र से थोपा नहीं जा सकता। भारत एक लोकतंत्र है और लोकतांत्रिक गठबंधन में मतभेद हो सकते हैं, मगर किसी को शक नहीं होना चाहिए कि कानून व्यवस्था कायम रखना हमारी प्राथमिकता है, हमें राज्य सरकारों का सहयोग चाहिए, भले ही वे किसी भी राजनीतिक दल की हों।

अन्य खबरें

ये भी पढ़ें

अन्य खबरें