नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बुधवार को कहा कि प्रोत्साहन उपायो की मदद से इस साल अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर करीब 7.5 फीसदी रहेगी, लेकिन शुक्रवार को पेश होेने वाले बजट में इन राहतों को आंशिक अथवा पूरी तरह वापस लिए जाने के बारे में उन्होंनें कोई संकेत नहीं दिया। केद्रीय उत्पाद शुल्क दिवस के मौके पर वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्रीय उत्पाद शुल्क का इस्तेमाल वैश्विक वित्तीय संकट की वजह से हुई मुश्किलों का सामना करने के लिए एक औजार के रूप में किया गया है। उन्होंने कहा कि इस बात को ध्यान में रखना चाहिए कि उत्पाद शुल्कों में कटौती समेत तमाम प्रोत्साहन उपाए से देश की अर्थव्यवस्था पर अनुकूल असर हुआ है। मुखर्जी ने कहा, पिछले साल दिसंबर में औद्योगिक विकास 16.8 प्रतिशत की दर से हुआ है और उम्मीद है कि वर्ष 2009-10 के दौरान देश की अर्थव्यवस्था 7.5 प्रतिशत की दर से विकास करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले वित्त वर्ष के दौरान विकास दर 8 प्रतिशत के स्तर पर जा पहुुंचेगी। वित्त मंत्री ने कहा, देश में गरीबी और निरक्षरता की समस्या से निपटने के लिए जरूरी है कि अर्थव्यवस्था की विकास दर 2 अंकों में हो।