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जिन्ना के अनेक रूप हुए - के.एस. सुदर्शन

जसवंत मामले पर सुदर्शन ने साघी चुप्पी : पूर्व संघ प्रमुख ने इंदौर में एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में जिन्ना मसले को लेकर जसवंत सिंह के भाजपा से निष्कासन पर टिप्पणी से साफ इंकार कर दिया। उनका कहना था कि यह भाजपा का आंतरिक मामला है लेकिन जब उन्हे याद दिलाया गया कि उनके संघ प्रमुख रहने के दौरान आडवाणी के जिन्ना को घर्मनिरपेक्ष बताने पर भगवा खेमा गुस्से से लाल हो गया था, तो उन्होंने कहा कि आडवाणी ने इस संबंघ में आगे चलकर कई तरह के स्पष्टीकरण दे दिये, वैसे भी इस सिलसिले में सबकुछ भाजपा को ही तय करना है। हमे उस समय जो कहना था, हमने कह दिया था।
जिन्ना के अनेक रूप हुए है : यह पूछे जाने पर कि सुदर्शन जिन्न प्रकरण पर आडवाणी के स्पष्टीकरण से अब भी संतुष्ट है तो उनका जवाब था "बिलकुल" क्या वह जिन्ना को घर्मनिरपेक्ष मानते है। इस सवाल पर उन्होंने कहा कि जिन्ना के अनेक रूप हुए है। वह कभी लोकमान्य तिलक के साथ थे और पूर्णत: राष्ट्र के प्रति समर्पित थे।




















