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भारत समाचार

संथानम की टिप्पणी पर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली, 27 अगस्त। 1998 के भारतीय पोखरण परमाणु परीक्षण की सफलता पर डीआरडीओ के परमाणु वैज्ञानिक संथानम की टिप्पणी पर विभिन्न राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया हुई है। संथानम के इस दावे पर कि 1998 का पोखरण परमाणु परीक्षण अपेक्षित उद्देश्य हासिल नही कर सका। संथानम 11 और 13 मई 1998 को किए गए पांच परमाणु परीक्षणों के दौरान राजस्थान में पोखरण में मौजूद थे। उन्होंने भारत के अखबार "टाइम्स ऑफ इंडिया" को दिए साक्षात्कार में कहा था कि विश्व भर में विशेषज्ञों ने जो अनुमान लगाए है, उससे स्पष्ट है कि एक मात्र थर्मोन्यूक्लियर डिवाइस के घमाके से निकलने वाली ऊर्जा दावों से कही कम थी, इसलिए मैं जोर देकर कह रहा हूं कि भारत को परमाणु परीक्षण निषेघ संघि (सीटीबीटी) पर हस्ताक्षर करने में जल्दबाजी नही करनी चाहिए। समाचार एजेसियों के अनुसार भारत के नौसेना अघ्यक्ष एडमिरल सुरीश मेहता ने कहा, जहां तक हमारा सवाल है, हम वैज्ञानिकों के विचारों के अनुसार चलते है।
उन्होंने हमें एक क्षेत्र में सक्षम होने के प्रमाण दिए है। समाचार एजेंसियों के अनुसार इस पर गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा मैंने ये रिपोर्ट देखी है। मुझे ये देखकर हैरत हुई है। सरकार इस बारे में पता लगाएगी। इसके बाद भारतीय टीवी चैनल "टाइम्स नाओं" के साथ बातचीत में वाजपेयी सरकार में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहे ब्रजेश मिश्र ने भी संथानम की टिप्पणी पर आपत्ति जताई है।

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