भारत समाचार
किसान: किसानों की समस्याओं से कोसो दूर

निर्देशक: पुनीत सिरा
संगीत: डब्बू मलिक
कलाकार: जैकी श्रॉफ, सोहेल खान, अरबाज खान, दिया मिर्जा, नौहीद, दलीप ताहिल
समीक्षा: पुनीत सिरा के निर्देशन में बनी फिल्म "किसान" केवल दो भाईयों अरबाज खान और सोहेल खान के आपसी टकराहट में सिमट गई है। एक भाई शहरी है, तो एक गांव का किसान है। किसान को अपनी जमीन प्यारी है, वहीं शहरी भाई जमीन को बेकार की चीज समझता है, और उसे बेचना चाहता है। इन दोनों भाईयों जिगर (सोहेल खान) और अमन (अरबाज खान) की आपसी टकराहट में पिता दयाल सिंह (जैकी श्रॉफ) असहाय दिखता है।
फिल्म में मारघाड, रोमांस, कॉमेडी सभी का मिश्रण है, सिवाय किसानों की असली समस्या पेश करने के, जिसका की फिल्म शुरू से दम्भ भर रही थी। हर साल देश में लाखों किसान कर्ज, सूखे व अन्य वजहों से आत्महत्याएं कर रहे है, जिसका फिल्म में कोई जिक्र नही है। "किसान" में केवल कहानी का प्रस्तुतिकरण नया है, बाकी ऎसा कुछ भी नही है, जिसके लिए फिल्म को देखने जाया जाएं। क्योकि ऎसी कहानी तो भारतीय सिनेमा में 80 के दशक का मुख्य विषय होती थी। फिल्म में यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि हिंसा के बदले हिंसा और पढा लिखा वर्ग केवल अपने बारे में सोचता है। कुल मिलाकर कहा जाए फिल्म ने अपने नाम के साथ कोई सार्थकता पेश नही की है।




















