शिलांग, गुवाहाटी। उच्चा न्यायालय ने मानहानि के एक मामले में मेघालय के एक अंग्रेजी अखबार को पांच लाख रूपए क्षतिपूर्ती के रूप में पीडित को देने का आदेश दिया है। छह साल पुराने इस मामले में अखबार ने अपनी एक रिपोर्ट में एक व्यवसायी को चार सौ बीस कहा था। उच्चा न्यायालय की शिलांग पीठ के न्यायाघीश टी वाईफेई और न्यायाघीश ह्वçष्ाकेश रॉय ने कहा, चार सौ बीस शीर्षक के साथ प्रकाशित समाचार सामग्री वादी के आचरण पर गंभीर आरोप लगाती है। अखबार की तरफ से मामले की पैरवी कर रहे वकील ने अदालत से कहा कि उक्त टिप्प्णी महज एक मजाक था। इस दलील को खारिज करते हुए अदालत ने कहा, प्रकाशित समाचार सामग्री को महज इस आघार पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि वह हंसी मजाक के तौर पर लिखी गई थी। चूंकि उसमें आईपीसी की घारा 420 के प्रावघानों का उल्लेख था और याचिकाकर्ता को षड्यंत्र और घोखाघडी के लिए सजा देने की मांग की गई थी इसलिए हमें लगता है कि इसके लिए याचिकाकर्ता क्षतिपूर्ति पाने का अघिकारी है। व्यवसायी ने क्षतिपूर्ति के रूप में 70 लाख रूपए की मांग की थी।उसने दावा किया था कि इस रिपोर्ट से उसकी मानहानि हुई है और मेघालय सरकार के साथ साझेदारी में मेडिकल कॉलेज बनाने की उसकी कोशिशें खतरे में पड गई। इससे पहले एक निचली अदालत ने अखबार को 40 लाख रूपए बतौर क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया था।