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भारत समाचार

धोनी की टीम को सचिन, राहुल, हरभजन की अनुभवी तिकडी से काफी उम्मीद

नई दिल्ली, 20 सितंबर। दक्षिण अफ्रीका में 2007 ट्वेंटी-20 विश्व कप जीतने के बाद इसी देश में एक बार फिर चैम्पियंस ट्राफी एकदिवसीय टूर्नामेंट जीतने का सपना देखने वाली महेंद्र सिंह धोनी की टीम को सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड और हरभजन सिंह की अनुभवी तिकडी से काफी उम्मीद होगी क्योंकि उसके कई खिलाडियों को इस अफ्रीकी देश में एकदिवसीय और टेस्ट मैच खेलने का अनुभव नही है।
भारत को इसके अलावा चोटिल तेज गेंदबाज जहीर खान की कमी खल सकती है जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका की तेज गेंदबाजी की अनुकूल पिचो पर अपनी आग उगलती गेंदो के दम पर 17 मैंचों में 20-35 की बेहतरीन औसत के साथ 31 विकेट चटकाए है। तेंदुलकर, द्रविड और हरभजन ने हाल में श्रीलंका में भारत को काम्पैक कप त्रिकोणीय एकदिवसीय टूर्नामेंट जिताने में अहं भूमिका निभाई थी और टीम को उम्मीद होगी कि यह अपार अनुभवी जोडी एक बार फिर सभी आशाओं पर खरी उतरेगी।
काम्पैक कप के तीन मैचो में एक शतक जडने वाले 70.33 की औसत से सर्वाघिक 211 रन बनाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने दक्षिण अफ्रीकी सरजमीं पर भारतीय टीम की ओर से सर्वाघिक 36 मैच खेले है और 40.40 की औसत से चार शतक और छह अर्घशतक की मदद से 1414 रन बनाए है। तेंदुलकर के अलावा द्रविड ने दक्षिण अफ्रीकी की सरजमीं पर 27 मैच में 44.73 की बेहतरीन औसत से 850 रन बनाये है जबकि हरभजन ने 18 मैचों में 33.57 की औसत से 19 विकेट चटकाए है।
भारतीय शीर्ष क्रम के अन्य बल्लेबाजों में युवराज सिंह दक्षिण अफ्रीका में रनों से जूझते रहे है और 17 मैचों में 18 रन प्रति पारी की मामूली औसत से मात्र 308 रन बना पाये है जबकि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, सुरेश रैना को भी यहां अघिक खेलने का अनुभव नही है। कप्तान घोनी ने दक्षिण अफ्रीका में जहां चार एकदिवसीय मैच खेले है वहीं रैना ने सिर्फ एक मैच खेला जिसमें उन्होंने चार रन बनाये। दूसरी तरफ सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर, आक्रामक बल्लेबाज यूसुफ पठान, तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा और आरपी सिंह ने दक्षिण अफ्रीकी घरती पर कभी कोई एकदिवसीय या टेस्ट मैच नही खेला है जो भारत के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।

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