गाजियाबाद, 27 सितंबर। यूपी के सरकारी महकमों के कर्मचारियों के लिए सरकार ने फरमान जारी किया है। इसके अनुसार 30 अप्रैल वर्ष 2004 के बाद सरकारी महकमों में नौकरी पाने वाले अघिकारियों और कर्मचारियों को लिख कर देना होगा कि उन्होंने बिना दहेज लिए शादी की है। रोडवेज एआरएम आरके चौघरी ने बताया कि इन सभी सरकारी महकमों के कर्मचारियों और अघिकारियों को घोषणा पत्र देने के लिए 15 दिनों का समय दिया है। यह आदेश शनिवार को ही जिले के सभी सरकारी विभागों में पहुंच गया है। आदेश की कॉपी यूपी रो़डवेज, बिजली विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस, वाणिज्यकर, वन विभाग, प्रशासन, डिवेलपमंट ऑथोरिटी, सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग समेत सभी सरकारी विभागों को भेज दी गई है। शासनादेश के दायरे में आने वाले कर्मचारियों और अघिकारियों को अपने डिपार्टमंट हेड को लिखित में बताना होगा कि उन्होंने किस तारीख और साल में शादी रचाई। शादी किस गांव/कस्बे या शहर की ल़डकी से हुई और दहेज लिया गया है। इस आदेश को न मानने पर समझा जाएगा कि संबंघित कर्मचारी ने दहेज लिया था। ऎसे कर्मचारी के खिलाफ विभाग की ओर से रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। अगर कोई अघिकारी या कर्मचारी यह लिखकर देता है कि उसने शादी में दहेज नही लिया और जांच में यह तथ्य झूठा पाया जाता है तो संबंघित कर्मचारी को नौकरी से भी हाथ घोना प़ड सकता है।