भारत समाचार
दहशतगर्दी के लिए देश में पहुंचा गोला-बारूदक्

आलिया की कॉल पर सोढा ने माल की डिलीवरी मुबारक को की थी, तीसरी बार डिलीवरी लेने शेरू आया था, चौथी बार फिर सोढ़ा ने मुबारक को माल डिलीवर किया था। पुलिस की नई मुसीबत अब जखीरे की वे चार खेप हैं, जो उसकी पहुंच से बाहर है। पुलिस अब तस्कर शेरू, मुबारक और बब्बर खालसा के आंतकी हरजोत की तलाश कर रही है। पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि पिछली चार खेप की डिलीवरी मुबारक और शेरू ने हरजोत को की थी, लेकिन तबाही के सामान और आतंक के नेटवर्क के खुलासे में पुलिस की ब़डी अ़डचन है कोड नेम।
आईएसआई ने अपने गुर्गो की पहचान छुपाने के लिए कोड नाम दे रखा है। सोढा खान ने पूछताछ में बताया कि यदि उसके और दूसरे तस्कर खानिया में समझौता नहीं होता, तो शायद गोला-बारूद की पांचवीं खेप पुलिस को नहीं मिल पाती। इस पूछताछ में एक और खुलासा हुआ है। अब इंडिया में गोला-बारूद की डिलीवरी के लिए पाकिस्तान में बैठे उनके आकाओं ने रूट बदल दिया है। पहले वे डिलीवरी जम्मू-कश्मीर और पंजाब बॉर्डर से होती थी, लेकिन वहां सख्ती बढ़ने पर अब ब़ाडमेर-जैसलमेर से माल परमजीत सिंह उर्फ पम्मा की मॉनीटरिंग में हो रहा था।




















