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मुंबई हमला : आतंकियों की आकाओं से चली 12 हजार मिनट बातें

कदम ने आतंकवादियों और उनके आकाओं की बातचीत का ब्यौरा न्यायाधीश एमएल तहिलयानी की विशेष अदालत में सौंपते हुए कहा कि पिछले वर्ष 26 नवंबर को हमले के दौरान होटल से चार में से तीन आतंकवादियों ने पाकिस्तान में अपने आकाओं से बातचीत की थी जबकि एक चुप रहा। हालांकि, दूसरे आतंकवादियों ने बातचीत के दौरान उसका भी नाम लिया था। आतंकवादी निरोधक दस्ते (एसटीएस) की तकनीकी शाखा से जु़डे कदम ने हमले के दौरान आतंकवादियों और उनके आकाओं के बीच हुई बातचीत रिकार्ड की थी।
पुलिस निरीक्षक कदम के मुताबिक आतंकवादियों ने अपने आकाओं का बताया था कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एक आयुक्त मारा गया है और वे भयंकर तबाही फैला रहे हैं। आकाओं ने उनसे पूछा कि क्या वे होटल के विभिन्न कमरों को निशाने पर लेकर वहां भय और दहशत का माहौल फैला रहे हैं, तो उन्होंने इसका हां में जवाब दिया था। आकाओं ने फिर उन्हें तबाही जारी रखने और हर 15-20 मिनट पर गोले दागने का निर्देश दिया था।
कदम के मुताबिक आकाओं ने उन्हें बंधकों का नाम पता करने और उन्हें यह बताने के लिए कहा था कि उनमें कोई विशिष्ट व्यक्ति तो नहीं है, ताकि भारत सरकार को पुलिस एवं सैन्य कार्रवाई रूकवाने और बातचीत के लिए मजबूर किया जा सके। आकाओं ने उन्हें यह निर्देश भी दिया कि वे होटल के अलग-अलग स्थानों पर रहें और उनके समीप जो भी पुलिसकर्मी या सेना का जवान आए, उस मार दें। आकाओं ने आतंकवादियों को जानकारी दी कि मुंबई एटीएस प्रमुख मारा गया है। एक आतंकवादी ने आकाओं को अपनी गिरफ्त में आए केआर राममूर्ति नामक ब्रा±मण के बारे में भी जानकारी दी, जो कर्नाटक विश्वविद्यालय का शिक्षक है और उसे रक्तचाप की बीमारी है। मुंबई हमले के मामले में राममूर्ति ने भी अदालत में गवाही दी थी।




















