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वंदेमातरम पर देश में बवाल

विरोध करने वाले साधु-संत रामदेव से मांफी मांगने की अपील कर रहे है। दरअसल ये सारा बवाल हो रहा है जमीयत उलेमा-ए-हिंद के 30वें अधिवेशन को लेकर। इस अधिवेशन ने बाबा रामदेव ने भी हिस्सा लिया था। योग को गैर इस्लामी बताने वाले उलेमा के मंच पर बाबा की मौजूदगी से संदश गया कि दारूल उलूम ने योग को मान्यता दे दी है। उसी मंच से जब वंदेमातरम को नहीं अपनाने की आवाज गूजी तो बाबा रामदेव चुप्पी लगा गए। बाबा ने मौन को उनकी सहमति मान लिया गया। यही बात हिंदू साधु-संतों और हिंदू समाज के ठेकेदार को नागवार गुजरी।




















