लंदन। स्कॉटलैड में जी20 देशों की बैठक में सहमति हुइ है कि अर्थव्यवस्था के विकास के लिए प्रोत्साहन पैकेजों को तब तक जारी रखा जाएगा जब तक स्थिति में पूरी तरह सुधार नहीं हो जाता। इस बैठक में बढ़ती बेरोजगारी और बजट घाटे पर चिंता जताई गई है। जी20 देशों के वित्त मंत्री एक दूसरे की अर्थव्यवस्था पर नजर रखने के लिए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि वित्तीय संस्थानों में धन से लेनदेन पर टैक्स लगाया चाहिए ताकि वित्तीय संस्थानों की मदद देने के लिए धन की व्यवस्था हो सके। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रस्ताव पर सभी पक्षों की सहमति जरूरी है। फ्रांस और जर्मनी इस प्रस्ताव का समर्थन करते आए है लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया है। इस बैठक में इन मुद्दें पर सहमति नहीं हो सकी कि जलवायु परिर्वतन से मुकाबले के लिए धन की व्यवस्था कैसे की जाए।