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भारत समाचार

प्लेटिनम-2 को बीचिंग और ब्रकिंग की इजाजत नही

अलंग (गुजरात)। केन्द्रीय पर्यावरण व वन मंत्रालय अलंग के समुद्र तट पर खडे़ यूएस जहाज प्लेटिनम-2 को वापस जाना होगा। केन्द्र सरकार ने गुजरात सरकार से कहा कि प्लेटिनम-2 को अलंग में बीचिंग और ब्रकिंग की इजाजत न दी जाए। क्योंकि इसमें बेहर जहरीले पदार्थ और रेडिओएक्टिव सबस्टेंस है। पर्यावरण बचाने की ल़डाई लड रहे लोगों ने इसे एक बडी जीत करार दिया है। साथ ही मांग की है कि अलंग में खडे बाकी के 200 जहाजों की भी जांच की जाए। मुमकिन है कि वह भी इसी तरह नियम कानूनों को ताक पर रखकर यहां आए हों। सोमवार को वन और पर्यावरण मंत्रालय ने गुजरात मेरिटाइम बोर्ड (जीएमबी) को चिट्ठी लिखकर कहा है कि प्लेटिनम-2 ने यूनाइटेड स्टेट्स टॉक्सिक सबस्टेंसेज एक्ट का उल्लंघन किया है। यह जहाज झूठे दस्तावेजों के सहारे यहां आया। मंत्रालय ने जहाज की जांच के लिए एक टेक्निकल टीम गठित की थी। जिसने 26 अक्टूबर को मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट जमा की थी। रिपोर्ट के आधार पर मंत्रालय ने यह फैसला लिया। गौरतलब है कि फरवरी 2006 में फ्रेंच जहाज क्लेमेन्शु को भी इसी तरह वापस जाना प़डा था। प्लेटिनम-2 को लेकर सबसे पहले आवाज बुलंद करने वाले टॉक्सिक वांच के गोपाल कृष्ण कहते है कि यह बडी जीत है। इससे एक संदेश जाएगा और अब जो भी जहाज यहां आएंगे उन्हें नियमों का पालना करना पडे़गा। जब प्लेटिनयम-2 भारतीय सीमा में दाखिल हुआ था तभी सवाल उठे थे कि इस जहाज का कोई खरीदार नहीं है तो यह भारतीय सीमा में अवैध तरीके के कैसे दाखिल हो गया।
इस जहाज पर खुद अमेरिकी प्रशासन भी जुर्माना लगा चुका है। अंतर्राष्ट्रीय संधि के मुताबिक जब्ा तक जहाज को पूरी तरह से क्लीन घोषित न कर दिया जाए तब तक उसे किसी देश में टूटने के लिए नहीं भेजा सकता। अलंग के शिपब्रेकिंग यार्ड में हर साल सैकडों जहाज टूटने के लिए आते है। भारत के अलंग और बांग्लादेश के चटगांव दो बडे़ शिपब्रकिंग सेंटर है। गोपाल कृष्ण कहते है कि कानून के मुताबिक जहाज जब तो़डने के लिए भेजे जाते है तो उन्हें पूरी तरह से जहरमुक्त करते भारतीय सीमाा में प्रवेश दिया जाना चाहिए लेकिन शिपब्रेकिंग यार्ड की लॉबी काफी मजबूत हो।
वह कानूनों का उल्लंघन करते रहते है और अब तक किसी को कोई सजा नहीं हुई है। जहाजों पर खतरनाक पदार्थ की वजह से हर साल अलंग में सैक़डों मजदूर मरते है और इसकी तादाद किसी भी दूसरे उद्योग से ज्यादा है।

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