भारत समाचार
प्लेटिनम-2 को बीचिंग और ब्रकिंग की इजाजत नही

इस जहाज पर खुद अमेरिकी प्रशासन भी जुर्माना लगा चुका है। अंतर्राष्ट्रीय संधि के मुताबिक जब्ा तक जहाज को पूरी तरह से क्लीन घोषित न कर दिया जाए तब तक उसे किसी देश में टूटने के लिए नहीं भेजा सकता। अलंग के शिपब्रेकिंग यार्ड में हर साल सैकडों जहाज टूटने के लिए आते है। भारत के अलंग और बांग्लादेश के चटगांव दो बडे़ शिपब्रकिंग सेंटर है। गोपाल कृष्ण कहते है कि कानून के मुताबिक जहाज जब तो़डने के लिए भेजे जाते है तो उन्हें पूरी तरह से जहरमुक्त करते भारतीय सीमाा में प्रवेश दिया जाना चाहिए लेकिन शिपब्रेकिंग यार्ड की लॉबी काफी मजबूत हो।
वह कानूनों का उल्लंघन करते रहते है और अब तक किसी को कोई सजा नहीं हुई है। जहाजों पर खतरनाक पदार्थ की वजह से हर साल अलंग में सैक़डों मजदूर मरते है और इसकी तादाद किसी भी दूसरे उद्योग से ज्यादा है।




















