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भारत समाचार

आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में स्थिति तनावपूर्ण

हैदराबाद। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय परिसर में पिछले चार दिनों से भूख ह़डताल पर बैठे तीन वकीलों को पुलिस द्वारा गुरूवार रात हटाए जाने के बाद भी परिसर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है जबकि वकीलों के रवैये के विरोध में इस्तीफा देने वाले न्यायधीश ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है।
अदालत परिसर में तेलगांना वकीलों के प्रदर्शन और हिंसा के बाद शुक्रवार को अदालत का कामकाज शुरू हुआ। अदालत परिसर में तनाव को देखते हुए 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। तेलंगाना के वकील क्षेत्र में होने वाली विधि अधिकारियों की नियुक्ति में 42 फीसदी कोटे की मांग कर रहे हैं। अदालत परिसर के भीतर उन वकीलों को ही अंदर जाने देने की इजाजत दी गई जिनके पास पहचान पत्र थे। मुवक्किलों को दस्तावेज प्रस्तुत करने पर ही अंदर जाने दिया गया। उधर, पुलिस ने देर रात ह़डताल पर बैठे तीन वकीलों को उठाकर गांधी अस्पताल में भर्ती करवा दिया। इस दौरान वकीलों के समर्थकों ने पुलिस को रोकने की कोशिश की जिससे परिसर में तनाव फैल गया। इन वकीलों के खिलाफ गुरूवार शाम को आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। वकीलों पर परिसर में महाधिवक्ता के कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन भूख ह़डताल पर बैठने के लिए भी मामला दर्ज किया गया। देश के प्रधान न्यायाधीश के आग्रह के बाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति निसार अहमद काकरू अपनी छुटि्टयों में कटौती कर गुरूवार रात को ही हैदराबाद लौट आए। वापस लौटने के बाद उन्होंने सहयोगी न्यायधीशों के साथ बैठकें की।
बैठक के दौरान प्रदर्शन कर रहे वकीलों से सख्ती से निपटने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि हिंसक गतिविधियों में लिप्त वकीलों की पहचान की जाएगी और किसी को भी शाम छह बजे के बाद परिसर में आने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश ने शुक्रवार को न्यायधीश न्यायमूर्ति सी. वी. नागार्जुना रेड्डी को अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए राजी कर लिया। प्रदर्शनकारी वकीलों द्वारा पिछले तीन दिनों से उन्हें निशाना बनाए जाने के बाद रेड्डी ने गुरूवार रात को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। सरकार ने हालांकि प्रदर्शन कर रहे तेलंगाना के वकीलों को उनकी मांगों पर चर्चा करने के लिए वार्ता के लिए आमंत्रित किया था। ह़डताली वकील क्षेत्र में होने वाली विधि अधिकारियों की नियुक्ति में 42 फीसदी कोटे में लिखित आश्वासन के साथ ही महाधिवक्ता डी.वी.सीतारामामूर्ति के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं।  

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