नई दिल्ली। सुरक्षित निवेश के रूप में सोने के प्रति लोगों का आकर्षण इस साल भी देश-विदेश में बरकरार रहने का अनुमान है। वल्र्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) ने बुधवार को जारी अपनी एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया है। अप्रैल-जून तिमाही में सोने के दाम अब तक के उच्चतम स्तर के करीब रहने के बावजूद स्वर्ण आभूषणों के दुनिया के सबसे ब़डे बाजार भारत में सोने की मांग में केवल दो प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
अप्रैल-जून तिमाही देश में स्वर्ण आभूषणों की मांग 123 टन रही है। सोने की निवेश मांग में अभी भी कोई कमी नहीं आई है। अप्रैल-जून तिमाही में देश में सोने की निवेश मांग पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में सात प्रतिशत बढ़कर 41.5 टन हो गई। इसी तिमाही में रूपये मूल्य में सोने की निवेश मांग 30 प्रतिशत बढ़कर 73 अरब रूपये हो गई जो कि पिछले साल की इसी तिमाही में 56 अरब रूपये थी। रिपोर्ट में कहा गया कि, भारतीय उपभोक्ताओं को भविष्य में सोने की कीमतों में और वृद्धि होने की उम्मीद है जिसके चलते यहां सोने की निवेश मांग में वृद्धि दर्ज की गई है।""
डब्ल्यूजीसी ने कहा कि इस तिमाही में कीमतें सर्वोच्चा स्तर के करीब रहने के बावजूद स्वर्ण आभूषणों की मांग में केवल दो प्रतिशत की कमी दर्ज होना उत्साहजनक है। ऊंची कीमतों के चलते रूपये मूल्य में स्वर्ण आभूषणों की मांग 20 प्रतिशत बढ़कर 216 अरब रूपये दर्ज की गई है। जून में समाप्त तिमाही में देश में सोने की कुल मांग 164.5 टन रही है जो कि पिछले साल की इसी तिमाही में 164.2 टन थी। रिपोर्ट में कहा गया कि, ""सोने की मांग में वृद्धि के लिए खासकर स्वर्ण आभूषणों की मांग के मामले में भारत और चीन की महत्वपूर्ण भूमिका है।"" इस तिमाही में दुनियाभर में सोने की मांग 36 प्रतिशत बढ़कर 1,050 टन हो गई और डॉलर मूल्यों में सोने की निवेश मांग 77 प्रतिशत बढ़कर 40.4 अरब डॉलर हो गई।
भारत समाचार
इस साल सोने की मांग बनी रहेगी: डब्ल्यूजीसी





















