मेलबर्न। भारत के पंजाब राज्य के बहुत से छात्र आस्ट्रेलियाई कॉलेजों के रवैए से हताशा का अनुभव कर रहे हैं, क्योंकि उन कॉलेजों ने उन छात्रों की फीस वापस करने से इंकार कर दिया है। एक श्ौक्षणिक सलाहकार का कहना है कि ""हम इस मामले को लेकर थक-हार चुके हैं।"" ज्ञात हो कि भारतीय छात्र, वीजा आवेदन ठुकरा दिए जाने के बाद अपनी फीस वापस करने की मांग कर रहे हैं। कई आवेदनकर्ताओं ने विभिन्न कारणों के चलते वीजा आवेदन वापस लेने का फैसला किया है।
आस्ट्रेलियाई सरकार के "ईएसओएस एस्योरेंस फंड" से फीस वापस दिलाने के आश्वासन के बावजूद अभी भी छात्र अपने धन की वापसी को लेकर चिंतित हैं। "ईएसओएस एस्योरेंस फंड" की निगरानी शिक्षा, रोजगार एवं कार्यस्थल संबंधों से जु़डे विभाग द्वारा की जाती है। मोहाली के एक शौक्षणिक सलाहकार हरप्रीत कम्बोज ने आईएएनएस को बताया, ""हम आस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के नैतिक उपदेशों से थक और उब चुके हैं। वे देश विदेशी छात्रों के वीजा आवेदन ठुकराए जाने के बाद उनकी फीस वापस करने से इंकार कर रहे हैं।"" कम्बोज ने कहा, ""हमारे ग्राहकों की मेहनती की कमाई पर बैठे कॉलेजों पर कानून के मुताबिक आस्ट्रेलियाई सरकार धन वापस करने के लिए दबाव नहीं डाल रही है। जबकि विभिन्न कारणों के चलते छात्रों के वीजा आवेदनों को ठुकरा दिया गया है।"" आस्ट्रेलियाई नियमानुसार विदेशी छात्रों को सूचित करने के बाद कॉलेजों को 28 दिनों के भीतर उनके धन लौटा देने चाहिए।
भारत समाचार
भारतीय छात्रों की फीस वापस नहीं कर रहे आस्ट्रेलियाई कॉलेज





















