मुम्बई। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की गवर्निग कांउसिल ने नियमों का उल्लंघन करने की वजह से दो हाईप्रोफाइल फ्रेंचाइजी किंग्स इलेवन पंजाब और राजस्थान रॉयल्स का करार रद्द कर दिया है जबकि कोच्चि को नोटिस भेजने का फैसला हुआ है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के इस क़डे रूख पर कुछ फ्रेंचाइजी मालिकों ने खुलकर ऎतराज जताया है। गवर्निग काउंसिल की ओर से रविवार को जारी एक बयान में कहा गया, ""आज गवर्निग काउंसिल की बैठक हुई। इसमें किंग्स इलेवन का संचालन करने वाली कंपनी के.पी.एस. ड्रीम क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड, जयपुर आईपीएल क्रिकेट लिमिटेड और कोच्चि फ्रेंचाइजी द्वारा नियमों के उल्लंघन पर चर्चा हुई।"" बयान में कहा गया है, ""बैठक में एकमत से यह फैसला हुआ कि किंग्स इलेवन और रॉयल्स के करार को कानूनी आधार पर रद्द कर दिया जाए। इसमें कोçच्चा फ्रेंचाइजी को नोटिस भेजने का निर्णय भी किया गया। बीसीसीआई के वकील पी.आर. रमन से कहा गया है कि वे तीनों के बारे में नोटिस जारी करें।"" बीसीसीआई के इस फैसले के बाद वेबसाइट क्रिकइंफो से बातचीत में किंग्स इलेवन के एक अधिकारी ने कहा कि उनकी फ्रेंचाइजी फिलहाल कानूनी पहलुओं पर गौर नहीं कर रही क्योंकि उसे इस मामले सुलझ जाने की उम्मीद है।
अधिकारी ने कहा, ""गवर्निग काउंसिल के इस फैसले हम स्तब्ध हैं। हमें ऎसी उम्मीद नहीं थी।"" उधर, रॉयल्स के अंशधारक और अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा ने कहा, ""अगर बीसीसीआई फ्रेंचाइजी के साथ इसी तरह से पेश आता रहा तो मैं नहीं समझता कि आईपीएल का चौथा संस्करण संभव होगा। जब मुझे इस फैसले की प्रति नहीं मिल जाती तब तक कुछ और नहीं कहंगा। मैं इस मामले में कानूनी मदद भी लूंगा।"" आईपीएल की फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स के मालिक विजय माल्या ने माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट टि्वटर पर कहा, ""इस फैसले से फ्रेंचाइजी के प्रति बीसीसीआई के रवैये पर गंभीर सवाल ख़्ाडे होते हैं।"" गौरतलब है कि गवर्निग काउंसिल के पुनर्गठन के बाद उसकी यह पहली बैठक थी। कभी 14 सदस्यों वाली रही इस काउंसिल में कुल आठ सदस्य हैं।
इनमें चिरायु अमीन, अरूण जेटली, रंजीब बिस्वाल, अनुराग ठाकुर, अजय सिर्के और राजीव शुक्ला हैं। रवि शास्त्री और मोहिंदर अमरनाथ भी इसमें शामिल हैं।
भारत समाचार
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