पटना। बिहार में संगीन अपराधों के लिए सजा पाए बाहुबली भले ही चुनावी मैदान में खुद न उतर पाएं हों लेकिन वे अपने सियासी वजूद को जिंदा रखने के लिए अपनी पत्नियों की ओर आस लगाए बैठे हैं। बीते लोकसभा चुनाव की तरह इस बार भी कई बाहुबलियों की पत्नियां विधानसभा पहुंचने की कोशिश में हैं। वर्तमान विधायक और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की उम्मीदवार कुन्ती देवी एक बार फिर गया जिले के अतरी विधानसभा क्षेत्र से चुनावी दंगल में उतरी हैं। इनके पति राजेन्द्र यादव वर्तमान समय में हत्या के एक मामले में जेल में सजा काट रहे हैं जबकि कई अन्य अपराधिक मामले भी इन पर चल रहे हैं। इसी तरह नवादा क्षेत्र की वर्तमान निर्दलीय विधायक पूर्णिमा यादव तथा इनके पति एवं निर्दलीय विधायक कौशल यादव को जद (यु) ने टिकट दिया है। कौशल पर राजस्व घोटाले समेत कई अन्य अपराधिक मामले चल रहे हैं। इसी तरह बक्सर जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक मुन्नी देवी और खगç़डया की पूनम देवी एक बार फिर अपने पति के सहारे चुनाव मैदान में उतर चुकी हैं। मुन्नी के पति भुअर ओझा तथा देवर विमेश्वर ओझा कई अपराधिक मामले में आरोपी है जबकि पूनम के पति रणवीर यादव पर भी कई अपराधिक मामले चल रहे हैं। लालगंज के विधायक मुन्ना शुक्ला मंत्री वृजबिहारी प्रसाद की हत्याकांड में दोषी करार दिए गए हैं परंतु इस चुनाव में उनकी पत्नी अन्नु शुक्ला जद (यु) के लिए प्रत्याशी बनाई गई हैं। इसी तरह बाहुबली पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव विधायक अजीत सरकार की हत्या के मामले में दोषी करार दिए गये हैं जबकि उनकी पत्नी रंजीता रंजन को चुनावी मैदान में उतारा गया है।
हाल ही में कांग्रेस में शामिल बाहुबली सांसद आनन्द मोहन की पत्नी लवली आनंद को सहरसा जिले के आलमनगर से प्रत्याशी बनाया गया है। आनंद मोहन सहरसा जेल में पूर्व जिलाधिकारी जी$ कृष्णैया हत्याकांड के मामले में सजा काट रहे हैं। इसी तरह राजद विधायक बीमा भारती इस चुनाव में पाला बदलकर जद (यु) के टिकट पर रूपौली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं। बीमा के पति अवधेश मंडल हत्या, रंगदारी जैसे करीब एक दर्जन से ज्यादा मामलों में आरोपी हैं। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व लोकसभा चुनाव में भी बाहुबली पूर्व संासद शहाबुद्दीन ने अपनी पत्नी हिना शहाब, पप्पू यादव ने अपनी मां शांति देवी, बाहुबली पूर्व सांसद सूरजभान ने अपनी पत्नी वीणा देवी को चुनाव मैदान में उतारा था लेकिन इन सभी को चुनावों में मुंह की खानी प़डी थी। अब देखना है कि इस बार के चुनाव में सूबे के बाहुबली अपनी पत्नियों व रिश्तेदारों को सत्ता तक पहुंचा पाते हैं या नहीं।
भारत समाचार
बिहार चुनाव : बाहुबली पत्नियों की "दबंगई" जारी रहेगी





















