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भारत समाचार

आदर्शज् के दलदल में फंसते जा रहे हैं चह्वाण

मुंबई। आदर्श सोसायटी के दलदल में मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण खुद भी फंसते जा रहे हैं। कोलाबा में करगिल के शहीदों के परिवारों के लिए बने सोसायटी के फ्लैट्स के आवंटन से जु़डे घोटाले में उनके परिवार के कुछ और नाम सामने आ रहे हैं। गुरूवार को इस घपले में मुख्यमंत्री चह्वाण की सास का नाम सामने आया था। अब जो नाम सामने आया है, वह है मदनलाल मिल्कीराम शर्मा का, जो मुख्यमंत्री के ससुराल पक्ष से जु़डे शख्स हैं। अभी तक यह तो साफ हो चुका है कि आदर्श सोसायटी में भगवती मनोहरलाल शर्मा के नाम से एक फ्लैट है, अशोक चह्वाण की सास का नाम है। मिल्कीराम शर्मा च±वाण की पत्नी के दादा का नाम है, लेकिन मदनलाल मिल्कीराम शर्मा के बारे में अभी कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है। आदर्श सोसायटी के नाम पर मची इस लूट में सीबीआई की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए-नए खुलासे होते जा रहे हैं। अब सीबीआई ने आदर्श सोसायटी के सभी 103 सदस्यों की आय का ब्यौरा मांगा है। सवाल यह भी है कि डिफेंस एरिया से सटे इलाके में निर्माण को हरी झंडी कैसे मिली और इस निर्माण के लिए पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति कैसे मिली। यह इमारत कोस्टल रेगुलेशन जोन नियमों का भी उल्लंघन करती है। इस मामले में कई और नेता और आर्मी के आला अफसर घिरे हैं। यह भी पता चला है कि यह सोसायटी रक्षा ठिकानों के काफी नजदीक है। इस पर नेवी ने भी चिंता जताई है। जिन दूसरी ब़डी शख्सियतों के नाम यहां फ्लैट हैं, उनमें पूर्व सेना प्रमुख जनरल एनसी विज और दीपक कपूर, पूर्व नौसेना प्रमुख माधवेंद्र सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु और कांग्रेस नेता कन्हैयालाल गिडवानी शामिल हैं। इनके अलावा कुछ और भी ऎसे नाम हैं, जो सवालों और शक के घेरे में हैं। ऎसा ही एक नाम है रूपाली हरिश्चंद्र रावराणे का। रूपाली कणकवली इलाके से जु़डी है और एक पेट्रोल पंप चलाती है।
यह इलाका महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री नारायण राणे का गढ़ माना जाता है। सेना और नेताओं के अलावा जिन लोगों ने इस प्रोजेक्ट का बे़डा पार किया, उन्हें भी उपकृत किया गया। आदर्श सोसायटी में मुंबई के पूर्व कलेक्टर प्रदीप व्यास की बीवी सीमा व्यास के नाम भी एक फ्लैट है।
प्रदीप ने ही सारे फ्लैट्स के आवंटन को मंजूरी प्रदान की थी। इसमें आवंटन को लेकर सवाल उठे तो मुंबई की पूर्व कलेक्टर आईए कुंदन से जांच कराई गई।
उन्होंने कुछ भी ग़डब़डी नहीं निकाली, तो उन्हें भी पुरस्कृत कर एक फ्लैट दे दिया गया। इसी प्रकार मुंबई के पूर्व म्यूनिसिपल कमिश्नर जयराज फाटक ने छह मंजिला इमारत को 31 मंजिल में तब्दील करने की मंजूरी दी थी। इसके इनाम के तौर पर उनके बेटे कनिषक फाटक को एक फ्लैट दे दिया गया।

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