नई दिल्ली। राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले पर 24 सितम्बर को आने वाले फैसले की स्थगन संबंधी याचिका इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा खारिज कर दिए जाने पर टिप्पणी से इंकार करते हुए कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि या तो विवाद को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाया जाना चाहिए या अदालत के आने वाले फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए।
कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा, ""जैसा कि आप जानते हैं, मामला अदालत में विचाराधीन है। पार्टी अदालत में विचाराधीन मामलों पर टिप्पणी नहीं करेगी।"" उन्होंने कहा, ""कांग्रेस का हमेशा से रूख रहा है कि या तो मुद्दे का हल सर्वसम्मति तथा समन्वय से हो या अदालत के फैसले का सम्मान किया जाए।"" शुक्रवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अरसे से लंबित राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले पर 24 सितम्बर को आने वाले फैसले की स्थगन संबंधी याचिका खारिज कर दी। सरकार ने गुरूवार को लोगों से अपील की थी कि 24 सितम्बर को फैसला आने के बाद शांति बनाए रखें। सरकार ने कहा था कि यदि कोई पक्ष फैसले से संतुष्ट नहीं होगा तो वह कानून के तहत वैधानिक निवारण के लिए कदम उठा सकता है।





















