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जेपीसी करे राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार की जांच: गडकरी

नई दिल्ली। राष्ट्रमंडल खेलों से जु़डे भ्रष्टाचार के मामले पर भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की भूमिका पर सवाल ख़डे किए हैं। उन्होंने इस मामले की जांच के लिए एक सयुंक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग भी की है।

दिल्ली में मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में गडकरी ने कहा, ""राष्ट्रमंडल खेलों के लिए तय बजट को कई बार बढ़ाया गया और हर बार केंद्रीय मंत्रिमंडल के अनुमोदन से ऎसा हुआ। आयोजन समिति को जो राशि आवंटित की गई, उसकी स्वीकृति सीधे पीएमओ द्वारा दी गई। मेरा सवाल यह है कि इतनी ब़डी राशि के आवंटन को स्वीकृति देते समय कोई जांच-प़डताल क्यों नहीं की गईक्"" गडकरी ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पीएमओ के अलावा केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय और दिल्ली में शीला दीक्षित के नेतृत्व वाली सरकार को अ़ाडे-हाथों लिया। उन्होंने कहा, ""खेलों से जु़डी तैयारियों के लिए राशि का आवंटन शहरी विकास मंत्रालय के जरिए हुआ। ऎसे में यह मंत्रालय भी भ्रष्टाचार के ƒोरे में आता है। दिल्ली की शीला सरकार ने भी खेलों के नाम हजारों करो़ड रूपये खर्च किए। यहां तक दलित कल्याण कोष की राशि भी खेलों के नाम पर खर्च कर दी गई। मेरा सवाल यह है कि ऎसा क्यों किया गया।"" भाजपा अध्यक्ष ने खेलों के लिए बने स्टेडियमों पर आए खर्च को लेकर भी सवाल ख़डे किए। उन्होंने कहा, ""स्टेडियमों को नए सिरे से संवारने में भी खूब भ्रष्टाचार किया गया। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम पर कुल 961 करो़ड रूपये खर्च कर दिए गए जबकि किसी नए स्टेडियम को बनाने में इससे कहीं कम राशि खर्च होती है। राष्ट्रमंडल खेलों के लिए बनाए गए स्टेडियमों में तय बजट से ज्यादा खर्च किए गए। खेलों से जु़डी निविद में भी धांधली की गई।"" उन्होंने कहा, ""अब समय आ गया है कि राष्ट्रमंडल खेलों में लूट में शामिल भागीदारों तथा उन्हें राजनीति संरक्षण देने वालों के बीच की सांठ-गांठ का पर्दाफाश किया जाए। देश की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि राष्ट्र की बदनामी के लिए असली अपराधी कौन है।"" गडकरी ने कहा, ""हमारा मानना है कि पूरी सच्चाई तभी सामने आएगी जब इस मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। ऎसा सिर्फ जेपीसी के माध्यम से हो सकता है। भाजपा की मांग है कि राष्ट्रमंडल खेलों में हुई करो़डों की लूट की जांच के लिए शीघ्र एक जेपीसी का गठन किया जाए।"" गौरतलब है कि राष्ट्रमंडल खेलों के खत्म होने के बाद भ्रष्टाचार की जांच के लिए सरकार की ओर से पूर्व महालेखा परीक्षक वी.के. शुंगलू के नेतृत्व में एक उच्चास्तरीय समिति का गठन किया गया था।  

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