मेलबर्न। क्या क्रिकेट की दुनिया में आस्ट्रेलिया की बादशाहत अब पूरी तरह से खत्म हो चुकी है, यह सवाल इन दिनों जीवंत हो उठा है। आस्ट्रेलियाई मीडिया यही सवाल पूछ रहा है।
रिकी पोंटिंग और उनकी टीम को मिल रही एक के बाद एक हार ने आस्ट्रेलियाई क्रिकेट को संकट में डाल दिया है। लगातार तीन विश्व कप जीतने वाली यह टीम न सिर्फ भारत बल्कि श्रीलंका से भी हार जाती है। इस टीम में पहले जैसा जुझारूपन नहीं रहा। टीम के अहम खिल़ाडी माइकल क्लार्क भी यह स्वीकार करते हैं।
पोंटिंग और उनकी "ब्रिगेड" भले ही यह स्वीकार न करे कि उनके वर्चस्व के दिन अब पूरे हो गए लेकिन आस्ट्रेलियाई मीडिया जरूर यह सवाल कर रहा है। स्थानीय समाचार पत्र "डेली टेलीग्राफ" अपने पाठकों के जरिए एक सर्वेक्षण भी करा रहा है। इस सर्वेक्षण में सबसे ब़डा सवाल यही है, ""क्या आस्ट्रेलियाई क्रिकेट संकट से इस दौर से निकल पाएगा! ""
अखबार रविवार को इस सर्वेक्षण के नतीजे प्रकाशित करेगा। परंतु इसके सवालों पर गौर करना दिलचस्प रहेगा।
अखबार ने पाठकों से पूछा है, ""क्या आस्ट्रेलिया इस बार एशेज जीत पाएगाक् क्या इन दिनों बहुत क्रिकेट खेला जा रहा है! क्या आप मानते हैं कि पोंटिंग को एशेज में आस्ट्रेलियाई टीम की कप्तान करनी चाहिएक् क्या अगला कप्तान माइकल क्लार्क को होना चाहिए! टेस्ट म्ौचों में आस्ट्रेलिया के पिछ़डने के लिए कौन जिम्मेदार हैक् "" इस पत्र ने ऎसे कई सवालों को पाठकों की राय जानने के लिए सामने रखा है। इन सवालों पर गौर करें तो आस्ट्रेलियाई टीम के हालिया प्रदर्शन से वाजिब लगते हैं। आस्ट्रेलिया टीम को पहले भारत में टेस्ट और एकदिवसीय दोनों श्रृंखलाओं में हार का मुंह देखना प़डा।
अब उसकी ही सरजमीं पर मेहमान श्रीलंका ने पहले ट्वेंटी-20 मुकाबले और फिर एकदिवसीय मुकाबले में मात दे दी। सवाल यह भी उठता है कि आस्ट्रेलियाई क्रिकेट की नई पौध उतना प्रतिभावान नहीं है जिनता 90 के दशक में हुआ करते थे। यह सच है कि ग्लेन मैक्ग्राथ, शेन वार्न, एडम गिलक्रिस्ट और मैथ्यू हेडेन सरीखे खिलाडियों के जाने के बाद आस्ट्रेलियाई टीम का ग्राफ नीचे ही गिरता चला गया है। जानकार तो यह भी कहने लगे हैं कि कैरेबियाई क्रिकेट की तरह अब आस्ट्रेलियाई क्रिकेट भी ढलान पर है।
भारत समाचार
आस्ट्रेलियाई टीम के दिन अब लद गए!





















