चण्डीगढ़। हरियाणा के यमुनानगर और करनाल जिले में बाढ़ के पानी में कमी आनी शुरू हो गई है और बाढ़ की स्थिति काबू में है। हथिनीकुंड बैराज के नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने बताया,""बांध से यमुना में बुधवार को 103,992 क्यूसेक पानी छो़डा गया है। कुल मिलाकर हालात काबू में हैं।""
अधिकारी ने बताया, ""मंगलवार को यमुना में अधिकतम 184,000 क्यूसेक पानी छो़डा गया था।"" शिवालिक की पहाç़डयों और उत्तराखण्ड के ऊपरी इलाकों में हो रही भारी बारिश के चलते यमुना नदी में पानी का बहाव तेज हो गया है। इसके चलते राज्य के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में सोमवार को 744,507 क्यूसेक पानी छो़डा गया। इससे पिछले 32 सालों का रिकॉर्ड टूट गया है। तीन सितम्बर 1978 को बांध से नदी में 709,000 क्यूसेक पानी छो़डा गया था। हथिनीकुंड बैराज से रविवार को तकरीबन 700,000 क्यूसेक पानी छो़डा गया था। राज्य के वित्तीय आयुक्त और मुख्य सचिव (राजस्व) नरेश गुलाटी ने कहा, ""राज्य में बाढ़ की स्थिति काबू में है और यमुनानगर व करनाल जिले के रिहायशी इलाको में पानी घटना शुरू हो गया है। निचले इलाके में खेतों में भी पानी कम होना शुरू हो गया है।"" उन्होंने कहा, ""हम सभी तरह से एहतियात बरत रहे हैं। करनाल, सोनीपत, पानीपत, फरीदाबाद और पलवल जिले में तैनात सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को सचेत कर दिया गया है। वे सभी असुरक्षित जगहों पर सुरक्षा के लिए कदम उठा रहे हैं। बाढ़ के चलते नुकसान से बचने के लिए हालात पर हमेशा निगरानी रखी जा रही है।"" गुलाटी ने बताया कि इंद्रा नगर, मोबलीपुर और पलवल जिले में गुरवारी इलाके गांवों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर उन्हें शिविरों में भेजा गया है। राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने यमुना नगर, करनाल,पानीपत, पलवल, मेवात, झ”ार, रोहतक, भिवानी और फरीदाबाद जिले के उपायुक्तों को सर्वेक्षण कर क्षतिग्रस्त फसलों का आकलन करने का निर्देश दिया है।





















