कोई परिणाम नहीं मिला

No Result Found

भारत समाचार

अयोध्या पर फैसले को रोकने संबंधी याचिका पर सुनवाई बुधवार को टाल दी

नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या विवाद पर 24 सितम्बर को आने वाले इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के फैसले को टालने के लिए दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई बुधवार को टाल दी। इस याचिका पर गुरूवार को सुनवाई हो सकती है। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अल्तमस कबीर और न्यायमूर्ति ए.के.पटनायक की पीठ ने कहा कि किसी सिविल सूट से निकल कर आए मामले की सुनवाई करने का उसका इरादा नहीं है।
अदालत ने कहा कि अदालत की रजिस्ट्री से कह दिया गया है कि वह मामले को किसी उचित पीठ के समक्ष भेज दे। अब यह याचिका गुरूवार को सुनवाई के लिए अदालत के समक्ष आ सकती है। याची एवं सेवानिवृत्त नौकरशाह रमेश चंद्र त्रिपाठी की ओर से पेश होते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने अदालत को बताया कि यदि प्रधान न्यायाधीश संवैधानिक मामले की सुनवाई के लिए संविधान पीठ की अध्यक्षता कर रहे हैं, तो दूसरी वरिष्ठतम पीठ सभी आवश्यक मामलों की सुनवाई कर सकती है। त्रिपाठी ने अपनी याचिका में उच्च न्यायालय के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसके तहत अयोध्या फैसले को टालने संबंधी उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया था। यही नहीं उच्च न्यायालय ने त्रिपाठी पर 50 हजार रूपये का जुर्माना भी लगा दिया था। याचिका में अयोध्या विवाद पर फैसला टालने और इस जटिल मामले का अदालत से बाहर शांतिपूर्ण समाधान निकालने की संभावनाएं तलाशने के लिए संबंधित पक्षों को निर्देश देने की अपील की गई है।
बुधवार को ही इस मामले पर अदालत में सुनवाई होगी। याचिका में कम से कम तीन से 14 अक्टूबर तक होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों तक इस फैसले को टालने की अपील की गई है। इसके पहले बुधवार को सुबह जब त्रिपाठी के वकील सुनील कुमार जैन ने मामले को दर्ज कराना चाहा तो उन्हें दो बजे आने के लिए कहा गया।

अन्य खबरें

ये भी पढ़ें

अन्य खबरें