हैदराबाद। मेहमान न्यूजीलैंड के खिलाफ मोटेरा टेस्ट में दिग्गज बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन के कारण टीम इंडिया के सर्वश्रेष्ठ होने को लेकर उठे सवाल अब हैदराबाद में महेंद्र सिंह धोनी एवं उनके धुरंधरों के मनोभाव पर हावी रहेंगे। टीम इंडिया को यहां अपने सर्वश्रेष्ठ होने का इम्तहान फिर देना होगा। पिछले मैच में अगर वी.वी.एस. लक्ष्मण और हरभजन ने साहस न दिखाया होता तो दो मैचों की शृंखला में भारत 0-1 से पिछ़ड गया होता। अब नवाबों के इस शहर के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में भारतीय टीम जीत की पूरी कोशिश करेगी ताकि एक बार फिर से वह टेस्ट रैंकिंग में अपने शीर्ष स्थान को उचित ठहराए।
इसमें कोई शक नहीं कि इस शृंखला के आरम्भ होने से पहले भारत का पल़डा भारी माना जा रहा था लेकिन अब ऎसा नहीं है। मोटेरा के बाद कीवी टीम के हौसले बुलंद हैं और वह हैदराबाद में अपने उस गम को कुछ हद तक कम करना चाहेगी जो बांग्लादेश में मिले हैं। कोच मार्क गे्रटबैच की यही कोशिश होगी क्योंकि बांग्लादेश के हाथों मिली शर्मनाक पराजय से सबसे ज्यादा किरकिरी उनकी हुई थी। न्यूजीलैंड टीम में कप्तान डेनियल विटोरी ही एकमात्र ऎसे खिल़ाडी हैं, जिन्होंने पिछली बार भारत दौरा किया था। इसके अलावा ब्रेंडन मैक्लम, क्रिस मार्टिन, रॉस टेलर और जेसी राइडर जैसे कई खिल़ाडी ऎसे हैं, जो भारत के खिलाफ खेले हैं लेकिन कई ऎसे भी चेहरे इस बार भारत पहुंचे हैं, जिन्हें भारतीय परिस्थितियों का अच्छी तरह से अंदाजा नहीं है। टीम इंडिया को इसी का लाभ यहां उठाना होगा। कीवी टीम हाल ही में बांग्लादेश से लौटी है। इस दौरे में उसे 0-4 से हार मिली थी और उस हार का दंश उसे अब भी परेशान कर रहा है लेकिन अपने जमाने के आक्रामक बल्लेबाज रहे कोच ग्रेटबैच कुल मिलाकर उन खिलाç़डयों के बूते भारत को पटखनी देना चाहते हैं, जिन्हें भारत कम जानता है और जिन्हें लेकर आमतौर पर कोई रणनीति नहीं बनाई जाती है। मोटेरा में उनकी रणनीति कामयाब भी होती दिखी थी। मेहमान टीम की आक्रमण पंक्ति अच्छी है। अनुभवी क्रिस मार्टिन के अलावा उसके पास लम्बे कद के गेंदबाज टिम साउदी और एंडी मैके हैं। साउदी और मैके ने हाल के दिनों में अच्छा प्रदर्शन किया है। इसके अलावा स्पिनर के तौर पर मेहमान टीम में कप्तान विटोरी जैसा महान गेंदबाज है। विटोरी के नेतृत्व में कीवी गेंदबाजों ने मोटेरा में भारतीय बल्लेबाजों की हालत पतली कर दी थी। बल्लेबाजी में मेहमान टीम की उम्मीद युवा केन विलियम्सन पर सबसे ज्यादा होंगी। उन्होंने मोटेरा में अपने पहले ही टेस्ट में शतक ज़्ाड दिया था। मोटेरा में अच्छे खेल के बावजूद मेहमान टीम जानती है कि यह शृंखला जीतना उसके लिए टेढ़ी-खीर है क्योंकि जिस भारतीय टीम ने हाल ही में आस्टे्रलिया को टेस्ट तथा एकदिवसीय शृंखला में पराजित किया है, उसे हरा पाने के लिए उसके खिलाç़डयों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। यह मैच भारत के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के लिए बेहद खास होगा। वह शतकों के अर्धशतक से एक कदम दूर हैं। तेंदुलकर ने इस वर्ष छह शतक लगाए हैं। ऎसे में हैदराबाद में उनसे एक और शतक की आस होगी। इसके अलावा राहुल द्रवि़ड और वी.वी.एस. लक्ष्मण अपना शानदार सफर जारी रखना चाहेंगे। बल्लेबाजी में गौतम गंभीर का खराफ फार्म भारत के लिए चिंता का विषय है। भारत के पास एक अच्छा आक्रमण पंक्ति भी है हालांकि मोटेरा में वह संघर्ष करता दिखा था। अनुभवी जहीर खान, ईशांत शर्मा और शांताकुमारन श्रीसंत के अलावा स्पिन गेंदबाजी में हरभजन सिंह और अमित मिश्रा से टीम को काफी आशा है।





















