नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सोमवार को अपने संबोधन में हिंदी के शब्द "बहुत धन्यवाद" और "जय हिंद" कहते हुए देश के प्राचीन ज्ञान, इतिहास की समझ एवं सांस्कृतिक विविधता के लिए भारतीयों की सराहना की। संसद के केंद्रीय कक्ष में 45 मिनट के अपने अभिभाषण में ओबामा ने वर्षो पूर्व उनके शहर शिकागो में स्वामी विवेकानंद के पदार्पण और सीख देने वाली पंचत्रंत की कथाओं का जिक्र किया। ओबामा जब "भारतीय संविधान के शब्द लिखने वाले" दलितों के आदर्श पुरूष बी.आर. अम्बेडकर का जिक्र किया तो अंत में प्रधानमंत्री ने उनकी काफी प्रशंसा की। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में पंजाब के एक गांव, चांदनी चौक की गलियों, कोलकाता के एक हिस्से और बेंगलुरू की प्रगति की चर्चा भी की। वह विश्वकवि रवींद्रनाथ टैगोर की चर्चा करना भी नहीं भूले। उन्होंने कवि के अविस्मरणीय शब्द "जिसके मन में भय नहीं रहता, उसका मस्तक ऊंचा रहता है" भी सुनाए। ओबामा ने अभिभाषण में अपने आदर्श महात्मा गांधी का जिक्र पांच बार किया और भारत का नाम 61 बार लिया।
भारत समाचार
जय हिंद - बराक ओबामा





















