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भारत समाचार

मालेगांव विस्फोट : पुरोहित को नहीं मिली जमानत

नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने मालेगांव विस्फोट के आरोपी भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल पी.एस.पुरोहित को जमानत देने से सोमवार को इंकार कर दिया।
अदालत ने कहा कि अपराध गंभीर है। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति मार्कडेय काटजू और न्यायमूर्ति टी.एस.ठाकुर की पीठ ने कहा, ""अपराध बहुत गंभीर है। इस घटना में कई जानें चली गई थीं और 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे।"" अदालत ने हालांकि पुरोहित की ओर से दायर याचिका स्वीकार कर ली और उसे अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दे दिया। महाराष्ट्र के मालेगांव में विस्फोट के सिलसिले में अपनी गिरफ्तारी के समय पुरोहित भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल थे। ज्ञात हो कि वर्ष 2008 में हुए बम विस्फोटों से मालेगांव कस्बा दहल उठा था। उस घटना में कम से कम सात लोग मारे गए थे और 100 से अधिक घायल हो गए थे। पुरोहित के वकील ने कहा कि उनके मुवçक्कल को महाराष्ट्र संगठित अपराध अधिनियम (मकोका) के तहत निरूद्ध किया गया है, लेकिन यह अधिनियम उसके खिलाफ नहीं लगाया जा सकता। वकील ने कहा कि यहां तक कि मकोका अदालत ने भी कहा है कि पुरोहित को इस कानून के तहत निरूद्ध नहीं किया जा सकता और वह जमानत के हकदार हैं।

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