नई दिल्ली। गत मई माह की 22 तारीख को मैंगलोर हवाई अड्डे पर हुई विमान दुर्घटना में पायलट की गलती सामने आई है।
इस हादसे में हवाई जहाज हवाई पट्टी से आगे निकल गया था और उसमें सवार 169 लोग मारे गए थे। कॉकपिट की रिकार्डिग से पता चलता है कि पायलट लैंडिंग से ठीक पहले तक सो रहा था। करीब 1:40 घंटे की रिकार्डिग में एक बार भी पायलट की आवाज नहीं है। कैप्टन के ऑडियो से सिर्फ खर्राटे की और भारी सांसों की आवाज आ रही है। रात 12 बजकर 30 मिनट 40 सैकंड पर पायलट कैप्टन ग्लूसिका की आवाज आती है- ओह माई गॉड। को-पायलट ने उसे लैंडिंग टालने को कहा। बता दें कि विमान रनवे से कुछ आगे जा चुका था।
रिपोर्ट के मुताबिक विमान लैंडिंग के लिहाज से काफी ऊंचाई पर था। ग्राउंड प्रोक्सिमिटी वार्निग सिस्टम ने कई बार चेतावनी दी। पायलट ने देर से टेक ऑफ की कोशिश की और वह नाकाम रहा। मैनुअल ब्रेक लगाने में भी देर हुई। गौरतलब है कि हादसे के वक्त यह सवाल बार-बार पूछा गया कि क्या यह मैंगलोर के छोटे रनवे का नतीजा था। अब पता चल रहा है कि यह हादसा पायलट की लापरवाही का नतीजा था।
भारत समाचार
पायलट की गलती से हुआ मैंगलोर हादसा





















