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भारत समाचार

मार्च 2010 तक महंगाई दर 7 प्रतिशत के पार

नई दिल्ली, 5 अक्टूबर। खाद्य वस्तुओं की ऊंची कीमत के कारण थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति की दर उम्मीद के विपरीत तेजी से बढ़ रही है और चालू वित्त वषा के अंत तक यह 7 प्रतिशत से अधिक हो सकती है। मुद्रास्फीति की मौजूदा बढ़ोतरी अगर जारी रहती है तो महंगाई की दर रिजर्व बैंक के 5 फीसद के अनुमान को पार कर जाएगी। मुद्रास्फीति दबाव से निपटने और वृद्धि दर की गति तेज करने की दोहरी चुनौतियों का सामना कर रहा केंद्रीय बैंक 27 अक्टूबर को मौद्रिक नीति की समीक्षा करेगा। यस बैंक की मुख्य अर्थशास्त्री शुभदा राव ने कहा कि मुद्रास्फीति अनुमान के मुकाबले अधिक तेजी से बढ़ रही हैं। अगर मुद्रास्फीति की यह दर जारी रही तो यह मार्च 2010 तक 7 प्रतिशत से अधिक के स्तर पर पहुंच सकती है। मुद्रास्फीति 19 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान 0.83 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई।
इसका प्रमुख कारण खाद्य वस्तुओं की कीमतों का बढ़ना है। सरकारी आंक़डों के अनुसार थोक बाजार में आलू की कीमत में 81.18 फीसद बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि चीनी की कीमत में 44.47 फीसद का इजाफा हुआ हैं। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के प्रधान अर्थशास्त्री डीके जोशी ने कहा कि मुद्रास्फीति की दर तेजी से बढ़ रही है और चालू वित्त वर्ष के अंत तक यह 7 फीसद के आंक़डे को छू सकती है। बहरहाल, जोशी ने कहा कि आरबीआई 27 अक्टूबर को पेश की जाने वाली मौद्रिक नीति में तटस्थ रूख अख्तियार कर सकता है क्योंकि वृद्धि चिंता का प्रमुख कारण हैं।

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