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भारत समाचार

नक्सलियों ने अगवा पुलिसकर्मियों को रिहा किया

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 19 सितम्बर को बंधक बनाए गए चार पुलिसकर्मियों को नक्सलियों ने रिहा कर दिया है।
पुलिसकर्मियों को बीजापुर जिले में स्थानीय न्यूज चैनल के हवाले किया गया और इस तरह 12 दिनों तक चले बंधक प्रकरण का अंत हुआ। दंतेव़ाडा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस.आर.पी. कल्लुरी ने  कहा, ""सभी चारों पुलिसकर्मी रिहा कर दिए गए हैं और सुरक्षित हैं।""
पुलिस सूत्रों ने कहा कि नक्सलियों ने चारों पुलिसकर्मियों सहायक उपनिरीक्षक सुखराम भगत, कांस्टेबल बी. टोप्पो, नरेंद्र भोंसले और सुभाष रात्रे को एक स्थानीय न्यूज चैनल को मदेर पाकेट के पास सौंपा। पुलिस और बुद्धिजीवियों ने पुलिसकर्मियों की सुरक्षित रिहाई के लिए नक्सल समर्थक वरवर राव को श्रेय दिया है। राव ने नक्सलियों से कई बार अपील की थी वे इन पुलिसकर्मियों को रिहा कर दें क्योंकि ये गरीब परिवारों से हैं।
ज्ञात हो कि यहां से 500 किलोमीटर दूर आंध्र प्रदेश की सीमा से लगे भोपालपत्तनम इलाके से 19 सितम्बर को नक्सलियों ने सात पुलिसकर्मियों को अगवा किया था। अगले ही दिन उन्होंने इनमें से तीन की हत्या कर दी थी, जबकि सहायक उपनिरीक्षक सुखराम भगत, कांस्टेबल बी. टोप्पो, नरेंद्र भोंसले और सुभाष रात्रे को मुठभे़ड के बाद बंधक बना लिया था। उल्लेखनीय है कि एक सप्ताह बाद भी अगवा पुलिसकर्मियों की रिहाई पर अनिश्चय की स्थिति बनी हुई थी। नक्सलियों ने उनकी रिहाई के लिए रविवार की शाम 48 घंटे की मोहलत दी थी। उन्होंने बीजापुर में अपनी मांगोंकी हस्तलिखित पर्चियां भी गिराई थीं। नक्सलियों ने मंगलवार की शाम समयसीमा को और 24 घंटों के लिए बढ़ा दिया था।

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