कैसरगोड (केरल)। एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग करने के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा की तैयारी कर रही केरल की 23 वर्षीय रेयाना आर. खासी ने जान के खतरे के बावजूद बुर्का पहनने से इन्कार कर दिया है और अब वह जीन्स पहनती हैं। रेयाना तिरूवनंतपुरम से 600 किलोमीटर दूर स्थित कासरगोड की निवासी हैं। उन्होंने बुर्का न पहनने की वजह से धमकी भरे पत्र पुलिस को सौंप दिए हैं। रेयाना का परिवार उनका पूरा समर्थन कर रहा है। पिछले दो महीनों के दौरान उनकी जान को खतरा बढ़ने पर एक अदालती आदेश के बाद 17 अगस्त से उन्हें पुलिस सुरक्षा मिल रही है। रेयाना ने आईएएनएस से कहा, ""क्या यह तय करना मेरा अधिकार नहीं है कि मैं क्या पहनूं। मैंने चेन्नई में पढ़ाई की थी और अब मैं प्रशासनिक सेवा की परीक्षाओं की तैयारी कर रही हूं। मैं सुविधा के लिए जीन्स पहनती हूं और इसमें शरीर के वे सभी हिस्से ढके रहते हैं जिन्हें ढका होना चाहिए।"" उन्होंने उन्हें भेजे गए दो अज्ञात पत्रों को एक स्थानीय पुलिस स्टेशन में सौंपने के बाद आईएएनएस से बात की। उनका कहना था कि यदि वह बुर्का नहीं पहनती हैं तो उन्हें मार दिया जाएगा। पिछले साल के इसी समय के दौरान जब वह चेन्नई से लौटी थीं तभी से यह समस्या पैदा हो गई है। वह एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग का कोर्स पूरा करने के लिए साढ़े चार साल तक चेन्नई में थीं और उसके बाद वह प्रशासनिक सेवा की परीक्षा की तैयारी के लिए और छह महीने के लिए वहां रूकीं। जब वह वापस लौटीं तो उनके रिश्तेदारों ने उनसे बुर्का पहनने के लिए कहा। रेयाना ने बताया, ""इसके बाद मेरे प़डोसियों ने मुझे सलाह देना शुरू कर दिया और तभी से मेरे मोबाइल पर अज्ञात लोगों के फोन आने लगे, उनका कहना था कि मैं लगातार बुर्के की अवहेलना कर रही हूं इसलिए उनके पास मेरी हत्या करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।"" कासरगोड पुलिस स्टेशन के निरीक्षक बालकृष्णन ने बताया, ""उन्होंने हमें पत्र सौंपे हैं और हमने जांच शुरू कर दी है।"" उन्होंने बताया कि एक-दो दिन पहले रेयाना को कोई फोन आया था जिसके बाद उन्होंने वह नंबर पुलिस को दिया था। अब फोन करने वाले को खोजा जा रहा है।
भारत समाचार
जोखिम के बावजूद बुर्का नहीं जीन्स पहनती हैं रेयाना





















