नई दिल्ली। अब किसी आवासीय सोसायटी या फिर व्यवसायिक इमारत में लास्ट माइल कनेक्टिविटी यानी घर के अंदर तक फोन, इंटरनेट और केवल की अलग-अगल कंपनियों के कनेक्शन के लिए अलग-अलग तारों का जाल बिछाने और बार-बार खुदाई के झंझट की जरूरत नही होगी।
सिर्फ एक ही आप्टिक फाइबर तार से सभी सेवाएं उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जा सकेंगी। इस तरह की न्यूट्रल एक्सेस नेटवर्क (नैनो) प्रौद्योगिकी प्रौद्योगिकी पेश कर रही दूरसंचार ढांचा क्षेत्र की कंपनी रेडियस इंफ्राटेल प्राइवेट लि. (आरआईपीएल) ने राजधानी के द्वारका इलाके की कई आवासीय सोसायटियों में नैनो प्रौद्योगिकी तंत्र स्थापित करने का करार किया है। आरआईपीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजनीश वाही ने कहा कि नैनो के जरिए हम सेवा प्रदाताओं को फाइबर टू होम (एफटीटीएच) ढांचा उपलब्ध कराते हैं। इसके जरिए किसी भी आवासीय परिसर या व्यावसायिक केन्द्र में दूरसंचार, इंटरनेट और टीवी प्रसारण से संबंधित सेवाएं सिर्फ एक नेटवर्क से पहुंचाई जा सकती हैं। कंपनियों को इसके लिए अलग-अलग नेटवर्क बिछाने की जरूरत नही होगी। वाही ने कहा कि आरआईपीएल ने इस प्रौद्योगिकी के पेटेंट के लिए आवेदन किया है। कंपनी ने एक साल में 60,000 फ्लैटों में यह सुविधा प्रदाताओं से करार के तहत कंपनी लास्ट माइल नेटवर्क का 10 से 15 साल तक रखरखाव करेगी। वाही ने कहा कि यह प्रौद्योगिकी बडे बिल्डरों की नई आवासीय परियोजनाओं के लिए अधिक उपयोगी है। उन्हें अलग-अलग सेवाओं के लिए विभिन्न कंपनियों को जगह नहीं देनी पडती। साथ ही अलग-अलग नेटवर्क बिछाने की जरूरत न होने से सेवाप्रदाता कंपनियों की लागत कम होती है। आरआईपीएल दिल्ली के अलावा गुडगांव, गाजियाबाद, नोएडा, इंदिरापुरम और गे्रेटर नोएडा में कई व्यावसायिक परिसरों तथा फ्लैटों में नैनो प्रौद्योगिकी लगा रही है। वाही ने कहा कि पूरे राज्य को इस तरह के नेटवर्क से जोडा जा सकता है। हमारी कई राज्यों से इस प्रौद्योगिकी के करार के लिए बातचीत 2013 तक छह लाख फ्लैटों में नैनो प्रणाली पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी हैदराबाद, पुणे व चंडीगढ जैसे शहरों में प्रवेश की तैयारी में है।
भारत समाचार
अब एक तार से फोन, केबल व इंटरनेट





















