श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि कश्मीर समस्या के स्थाई हल के लिए भारत सरकार को अलगाववादियों के साथ-साथ पाकिस्तान से भी बात करनी चाहिए। उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में कश्मीर घाटी की स्थिति पर दो दिन तक हुई चर्चा के बाद कहा कि विकास और रोजगार बढ़ाना संकट का समाधान नहीं है।उन्होंने कहा, यह एक लंबे समय से अटका हुआ मामला है, जिसे सुलझाए जाने की जरूरत है। भारत सरकार को अलगाववादी नेताओँ के अतिरिक्त पाकिस्तान सरकार से भी बात करनी चाहिए।
यह सोचना गलत होगा कि केवल अलगाववादी नेताओं से बात करना ही काफी है, भारत को पाकिस्तान से भी बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीनगर में बने अर्धसैनिक बलों के बंकरों को हटाने का काम लगभग पूरा हो गया है और बुधवार तक 15 बंकर हटा लिए गए हैं। श्रीनगर से सेना के 16 बंकरों को हटाने का फैसला 29 सितंबर को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में एकीकृत कमान के मुख्यालय में हुई बैठक में लिया गया था।
उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में कहा कि पिछले कुछ महीनों में घाटी में हुई अशांति के कारण निजी क्षेत्र में काम करने वाले तीस हजार लोगों की नौकरियां चली गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि हालात थो़डा बेहतर होने के बाद इस मुद्दे को फिर से ठंडे बस्ते में नहीं डाल दिया जाना चाहिए। इस संकट का ऎसा कोई हल निकाला जाना चाहिए जो कि जम्मू-कश्मीर के सभी हिस्सों के साथ-साथ भारत और पाकिस्तान को भी स्वीकार हो।
उमर अब्दुल्ला ने भारतीय जनता पार्टी के इस आरोप को खारिज कर दिया कि घाटी में हालात उनकी सरकार की नाकामी के कारण खराब हुए। उन्होंने कहा कि विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी उनकी सरकार के विरोध में नहीं, बल्कि भारत के विरोध में नारे लगा रहे थे। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हाल में कुछ ऎसे कदम उठाए जिनसे उनकी छवि खराब हुई और ऎसा लगा जैसे उनकी सरकार केंद्र सरकार के हाथों में एक रबर स्टैंप की तरह है। केंद्रीय गृह सचिव का कश्मीर घाटी में कफ्र्यू हटाने के बारे में घोषणा करना उचित नहीं था।
उन्होंने कहा कि इसी तरह से केंद्र की ओर से कश्मीर के बारे में घोषित आठ-सूत्री कार्यक्रम में घाटी के स्कूलों को खोलने के विषय को शामिल किया जाना भी अनुचित था। केंद्र ने इस बारे में उनसे कोई विमर्श नहीं किया था जबकि राज्य सरकार ने केंद्र की घोषणा से पहले ही स्कूलों को खोलने के बारे में फैसला कर लिया था। केंद्र के इस रवैए के बारे में मुख्यमंत्री अब्दुल्ला की इन आपत्तियों को विपक्षी पैंथर्स पार्टी के नेता हर्षदेव सिंह और कम्युनिस्ट पार्टी के नेता यूसुफ तारिगामी ने भी सही ठहराया। हर्षदेव ने कहा, गृहमंत्री पी. चिदंबरम एक तरह से जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री बनने की कोशिश कर रहे हैं।
भारत समाचार
कश्मीर पर पाक से भी बात हो : उमर





















