नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने अयोध्या मसले पर आए इलाहाबाद उच्चा न्यायालय की लखनऊपीठ के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा। भागवत ने यहां कहा, ""ये जो फैसला है, इससे राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।""
उन्होंने कहा, ""इस फैसले को विजय और पराजय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। ये सभी के लिए आवश्यक है कि पिछले कुछ वर्षो में जो कुछ कटुता और विषमात उत्पन्न हुई उसे भूलाकर सबको मिलजुलकर स्त्रेह भाव से राम मंदिर के निर्माण में जुट जाना चाहिए। राम राष्ट्रीय आस्था और राष्ट्रीय पहचान है और पिछली बातों को भूलाकर राष्ट्रीय एकता को दर्शाने का यह अवसर है।"" इस अवसर पर भागवत ने देश की जनता से शांति व आत्मीयता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, ""किसी को ठेस पहुंचे ऎसी बात नहीं की जानी चाहिए।""





















