कोलकाता। देश के मोबाइल हैंडसेट बाजार में अभी भी विदेशी कंपनियों का दबदबा है, मगर धीरे-धीरे भारतीय ब्रांड भी अपनी पहचान कायम कर रहे हैं। 52 प्रतिशत की बाजार हिस्सेदारी के साथ नोकिया हैंडसेट बाजार में शीर्ष पर बनी हुई हे, लेकिन 2009-10 के दौरान घरेलू हैंडसेट विनिर्माताओं ने भी अपनी हिस्सेदारी को 14 प्रतिशत तक पहुंचा लिया है। देशी कंपनिया एशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के उभरते बाजारों पर अब ध्यान केन्द्रित कर रही हैं।
साइबर मीडिया टेलीकाम जर्नल वायस एंड डेटा के एक सर्वेक्षण के अनुसार, राजस्व के हिसाब से देश के हैंडसेट बाजार में भारतीय ब्रांड माइक्रोमैक्स की हिस्सेदारी 4.1 प्रतिशत की है। इसके बाद स्पाइस 3.9 प्रतिशत, कार्बन तीन प्रतिशत, लावा 1.1 प्रतिशत, लेमन एक प्रतिशत और मैक्स 0.9 प्रतिशत का नंबर आता है। वायस एंड डेटा 100 के वार्षिक सर्वेक्षण के अनुसार पिछले साल की तुलना में भारतीय ब्रांडो की बाजार हिस्सेदारी में 10 प्रतिशत अंकों का इजाफा हुआ है। बेहद प्रतिस्पर्धी भारतीय बाजार में सैमसंग की हिस्सेदारी में सात अंक में इजाफा हुआ है, वही नोकिया की बाजार हिस्सेदारी 12 प्रतिशत घटी है। स्पाइस मोबाइल इंडोनेशिया से इजराइल तक पैर फैलाने की योजना बना रही है। कार्बन अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका पर ध्यान दे रही है।
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हैंडसेट बाजार में छा रहे भारतीय ब्रांड





















