नई दिल्ली। अयोध्या विवाद को लेकर वर्ष 1992 में संघ, विहिप और बजरंग दल के इलफनामों पर विश्वास करने वाले कांग्रेस इस बार खासी सतर्क है।
जिस प्रकार संघ ने अयोध्या विवाद के बारे में आने वाले अदालती फैसले के बाद संविधान के दायरे में रहकर प्रतिक्रिया देने का सरकार को आश्वासन दिया है, उस पर कांग्रेस को विश्वास नहीं है।
पार्टी का मानना है कि इन संगठनों पर विश्वास कर अब और धोखा नहीं खाया जा सकता, बल्कि चौकन्ना रहने की आवश्यकता है। फिलहाल इनकी गतिविधियों पर नजर रखी जानी चाहिए क्योंकि वह अभी से ही तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कल कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे संगठनों पर कांग्रेस पहले भरोसा करके गलती कर चुकी है।
भारत समाचार
संघ-विहिप पर भरोसा नही किया जा सकता





















