नई दिल्ली। राजस्व सचिव सुनील मित्रा ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की संरचना में बदलाव की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों मध्य प्रदेश और गुजरात की मांग स्वीकार योग्य नहीं है और यह प्रस्तावित कर सुधार की मूल संरचना के अनुरूप नहीं है।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित एक सम्मेलन के दौरान मित्रा ने कहा, ""यह सुझाव हमें स्वीकार नहीं हैं। यह मूल अवधारणा से मेल नहीं खाता।"" मध्य प्रदेश सरकार की मांग है कि सेवा कर की दर तय करने का अधिकार प्रदेशों को दिया जाए। अन्य प्रदेश भी कर सुधार का विरोध कर रहे हैं उनका मानना है कि सरकार के इस कदम से प्रदेशों की आर्थिक स्वायत्तता का हनन होगा। मित्रा ने कहा, ""यदि हम प्रदेशों को सेवा कर की दर तय करने का अधिकार देंगे तो, कर सुधारों से क्या हासिल होगाक्"" जीएसटी केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सेवा कर, वैल्यू एडेड टैक्स (वैट), स्थानीय कर, उपकर और अधिभारों के स्थान पर लागू किया जाना है।





















