कोलकाता। 150 वर्ष पुरानी इमारत स्टीफन कोर्ट के आग में जलकर राख हो जाने के करीब सात माह बाद भवन के तीन निदेशकों में से एक और इस मामले के प्रमुख आरोपी ने शुक्रवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) दमयंती सेन ने कहा तीन निदेशकों में से आखिरी प्रदीप मोरे ने आज मेट्रोपोलिटन अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इस भवन में लगी आग में 43 लोगों की मृत्यु हो गई थी। पार्क स्ट्रीट इलाके में गत 23 मार्च को इस बहुमंजिला इमारत के शीर्ष तीन तलों में आग लग गई थी। पुलिस ने भवन के तीन निदेशकों संजय बागç़डया, सुशील सुरेखा और मोरे सहित छह लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। तरूण बागç़डया (केयरटेकर) रामशंकर सिंह (पंप आपरेटर) और जयप्रकाश सिंह (लिफ्टमैन) को 23 मार्च को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन निदेशक बागडिया को 25 अगस्त को लखनउ से गिरफ्तार किया गया था। एक अन्य निदेशक सुरेखा ने मेट्रोपोलिटन अदालत के समक्ष 17 सितंबर को आत्मसमर्पण किया था। मोरे के आत्मसमर्पण के साथ आरोप पत्र में नामित सभी आरोपी पुलिस हिरासत में है।





















