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भारत समाचार

दिल्ली में यमुना का जलस्तर 207 मीटर हुआ, बाढ़ का खतरा

नई दिल्ली। दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बुधवार को एक बार फिर खतरे के निशान से काफी ऊपर 207 मीटर तक बढ़ गया। हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से और पानी छो़डे जाने की वजह से नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इस कारण राजधानी में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हरियाणा ने 32 वर्षो का रिकार्ड तो़डते हुए सोमवार को हथिनीकुंड बैराज से 744,507 क्यूसेक पानी छो़डा था। बुधवार की शाम यमुना का जलस्तर खतरे के निशान 204.83 मीटर से 2.22 मीटर ऊपर पहुंच गया।
गुरूवार को जलस्तर 207.30 मीटर तक बढ़ने की संभावना है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, ""मैंने 30 वर्षो की अपनी सेवा अवधि के दौरान यमुना में इतना पानी कभी नहीं देखा।"" उन्होंने कहा, ""हम हालात से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। निचले इलाकों को खाली करा लिया गया है। हथिनीकुंड बैराज से पिछले दो दिनों में और पानी नहीं छो़डा गया है, इसलिए स्थिति नियंत्रण में रहेगा।"" इससे पहले मंगलवार को जलस्तर के खतरे के निशान से ऊपर पहुंच जाने के कारण यमुना पर बने एक सदी पुराने लोहे के मुख्य पुल को बंद कर दिया गया। यह पुल राजधानी को पूर्वी जिलों एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जो़डता है। उधर, भारी जाम लगने के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 24 एवं अन्य रास्तों में जरूरी बदलाव किए गए हैं। यह राजमार्ग दिल्ली को अलीगढ़ और मुरादाबाद से जो़डता है।
यमुना में जलस्तर बढ़ने के साथ राजधानी के कई निचले इलाकों उस्मानपुर, सरिता विहार, कालिंदी कुंज, जामिया नगर और वजीराबाद में में मंगलवार को बाढ़ आ गई। इलाकों को खाली कराकर वहां के लोगों को अस्थायी शिविरों में भेजा गया है। वर्ष 1868 में यमुना पर बने लोहे के पुल से यातायात बन कर दिए जाने के कारण पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से रवाना होने वाली और यहां आने वाली दर्जनों रेलगाç़डयों के रास्ते में बदलाव किया गया है।

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