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मैच से हटना जरूरी था : संगकारा

यह बात श्रीलंका टीम के कप्तान कुमार संगकारा ने स्वदेश लौटने के बाद कही। संगकारा ने कहा कि पहले पांच ओवर से ही पिच खतरनाक नजर आ रही थी। 6-10 ओवर की बीत और भी खतरनाक होने पर जब हमने मैच रेफरी एलन हरूट से संपर्क साधा तो उन्होंने कहा कि मै कुछ नहीं कर सकता हूं। मैदानी अंपायर से विरोध दर्ज कराइए। संगकारा ने कहा कि इसके लिए बाद हमने मैदानी अंपायरों से संपर्क किया तथा बाद में मैच से हटना ही उचित समझा। श्रीलंका के मध्यक्रम के धाक़ड बल्लेबाज माहेला जयवर्धने ने कहा है कि फिरोजशाह कोटला मैदान की पिच पांचवें वनडे मैच के दौरान इस तरह का आसमान व्यवहार करेंगी यह उन्होंने कभी नहीं सोचा था। जयवर्धने ने क्रिकेइंफो से कहा पिच पूरी तरह से तैयार नहीं थी जिसकी वजह से वह खतनराक तरीके से व्यवहार कर रही थी। उन्होंने कहा कि पिच पर गेंद पडने के बाद कभी अचानक आसमान रूप से उछाल ले रही थी तो कभी आशचर्यजनक रूप से घुटने के नीचे रह जा रही थी और ऎसी पिच पर बल्लेबाजों के लिए समय बिताना काफी मुश्किल होता है क्योकि खिलाडियों के चोटिल होने की संभावना बनी रहती है।
उन्होंने कहा कि कोटला की पिच पर यदि कोई गेंदबाज 135-140 प्रति घंटा की गति से गेंदबाजी कर रहा हो तो बल्लेबाज कम समय होने की वजह से अपने बचाव के लिए कुछ कर भी नहीं सकते। उन्होंने कहा कि इस समय क्रिकेट इतना प्रतिस्पर्द्धो हो गया है कि कोई भी खिलाडी गंभीर रूप से चोटिल होकर महीनों तक मैदान से दूर रहने का रिक्स नहीं लेना चाहता। उन्होंने कहा कि मैच रोकने से पूर्व जो अंतिम गेंद सुदीप त्यागी ने फेंकी थी वह सही मायने में खतरनाक थी।




















