हैदराबाद। सीबीआई ने शनिवार को धोखाध़ड़ी के मामले में फॉक्सवैगन के एक पूर्व अधिकारी हेलमथ स्यूस्टर सहित छह लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया।
सीबीआई ने वर्ष 2005 में इस मामले की जांच शुरू की थी। जांच एजेंसी ने 59 गवाहों के बयान लेने के बाद शनिवार को सीबीआई की अदालत में 150 पृष्ठों का आरोप पत्र दायर किया। आरोप पत्र में आंध्रप्रदेश के पंचायती राज मंत्री बी. सत्यनारायण का नाम शामिल नहीं है। उस समय वे उद्योग मंत्री थे और विपक्ष ने उन पर इस मामले में आरोप लगाए थे। मामले के अन्य आरोपियों में व्यवसाई जगदीश राजा और उनकी बहन गायत्री शामिल हैं जिन्होंने स्यूस्टर के साथ मिलकर आंध्र प्रदेश सरकार से लाभ कमाने के लिए एक फर्जी कंपनी बनाई थी। इन्होंने वशिष्ठ वाहन प्राइवेट लिमिटेड (कंपनी के नाम के पहले दो अक्षर वीडब्ल्यू है जो कि जर्मनी की कार कंपनी फॉक्सवैगन का नाम है) के नाम से कंपनी बनाकर विशाखापट्टनम में संयंत्र स्थापित करने के नाम पर आंध्र प्रदेश सरकार से 11 करो़ड रूपये हासिल किए। यह घोटाला तब सामने आया जब फॉक्सवैगन ने स्यूस्टर को बर्खास्त कर दिया। स्यूस्टर ने ही कार संयंत्र लगाने के लिए प्रदेश सरकार से वार्ता शुरू की थी। स्यूस्टर इस खुलासे के बाद से फरार है और सीबीआई को उसकी तलाश है। उसके नाम पर 2005 में इंटरपोल ने नोटिस जारी किया था।





















