नई दिल्ली। भारत पर इस साल सितंबर के अंत तक अन्य देशों का 242.8 अरब डॉलर का ऋण था। सरकारी आंकडों के अनुसार देश का बाह्य ऋण सितंबर के अंत में बढकर 242.8 अरब डालर हो गया जो मार्च के अंत की तुलना में आठ प्रतिशत अधिक है। इस वृद्धि में सबसे अधिक योगदान कंपनियों द्वारा विदेशी उधारी तथा एनआरआई जमाओं का है। भारतीय उद्योग जगत की बाह्य ऋण उधारी का हिस्सा देश के कुल ऋण में हिस्सा 6.67 करोड डॉलर या 25.5 प्रतिशत रहा जबकि एनआरआई जमाओं का हिस्सा 4,597 करोड डालर या 18.9 प्रतिशत रहा। वैश्विक वित्तीय संकट को ध्यान में रखते हुए भारत ने बाह्य उधारी ऋण संबंधी नियमों में ढील दी हैं।