अयोध्या। अयोध्या के विवाद पर अदालत का फैसला आने के तीन दिन बाद विवाद को कोर्ट के बाहर सुलझाने के लिए ताजा प्रयास शुरू हो गए हैं। इस सिलसिले में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद से जु़डे मामलों के पक्षकार मोहम्मद हाशमि अंसारी ने रविवार को हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत और अखिल भारतीय अख़ाडा परिषद के अध्यक्ष महंत ज्ञानदास से बातचीत की।
महंत ज्ञानदास ने रविवार रात बातचीत के लिए हाशिम अंसारी को हनुमान गढ़ में अपने निवास पर आने का न्यौता भेजा। बताया जाता है कि दोनों के बीच करीब एक घंटा बंद कमरे में बातचीत हुई जिसमें 60 साल पुराने मंदिर-मस्जिद विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने के रास्तों परचर्चा हुई।
महंत ने कहा है कि उन्होंने निर्मोही अख़ाडे समेत कई संतों से सलाह मशविरा किया है। लेकिन उन्होंने दोनों के बीच हुई बातचीत की जानकारी देने से इनकार कर दिया। वहीं 90 वर्षीय हाशिम अंसारी ने महंत की इस पहल का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड द्वारा कहे जाने के बाद मैंने यह पहल की है। अंसारी ने बताया कि अखिल भारतीय अख़ाडा परिषद मध्यस्थ की भूमिका निभाएगा और ज्ञानदास इस मामले में एक अन्य पक्षकार निर्मोही अख़ाडा से बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि अख़ाडा अध्यक्ष इसके लिए तैयार है। इस मुद्दे का निपटारा अयोध्या में ही होगा और मैत्रीपूर्ण निपटारे का वक्त आ गया है।
हालांकि सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के वकील जाफरयाब जिलानी का कहना है कि बोर्ड को ऎसी किसी लहल की जानकारी नहीं है। बोर्ड पहले ही फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कह चुका है। दूसरी ओर सूरयू मंदिर के पुजारी महंत सरोहर दास ने कहा कि विवादित जमीन पर मंदिर या मस्जिद बनाना हमारी आस्था और विश्वास का विषय हो सकता है, लेकिन इससे महत्वपूर्ण विषय दोनों समुदायों को बीच शांतिपूर्ण सहअस्तित्व का है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के मुताबिक निर्मोही अख़ाडा (हिंदुओं की मान्यता के मुताबिक वैष्णव संप्रदाय) को विवादित जमीन का एक-तिहाई हिस्सा दिया गया है। बाकी दो-तिहाई हिस्सा बराबर वक्फ बोर्ड और रामलला के पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वालों में बांटा गया है। गौरतलब है कि फैसले के बाद अंसारी ने इस विवाद को खत्म कर नई शुरूआत करने की बात कही थी। निर्मोही अख़ाडे के महंत भास्कर दास ने भी कुछ ऎसा ही विचार प्रस्तुत किया था।
भारत समाचार
अयोध्या : हनुमानगढ़ी से सुलह की नई शुरूआत





















