भारत समाचार
लाल चौक हमला भी लश्कर की ही साजिश

इस बातचीत को सुनकर पता चलता है कि किस तरह आतंकियों को खून-खराबे के लिए तैयार किया गया होगा। सिर पर मौत मंडराने के बावजूद वो खुद को टनाटन बता रहा था। इस बातचीत में ये आतंकी अपने आका को अपना नाम भी बताता है और ये भी कि वो किस तरह घिर गया है। इस बातचीत को सुनने से पता चलता है कि पाकिस्तानी आंतकी कैसे निर्देश दे रहा है। होटल में घुसने के बाद आतंकियो के हाथ क्यो लगी मायूसी। आतंकी जब होटल की बिल्डिंग में पहुंचे तो क्या हुआ। और पाकिस्तान में बैठे आकाओं ने बिल्डिंग के बारे में उनसे क्या पूछा। इस बातचीत में एक और आतंकी अपनी पहचान से पर्दा उठाता है। आतंकी हर पल खुद को मौत के बेहद करीब पा रहे थे। अपनी बातचीत में भले ही वे खुद को बेहद खुश बता रहे हो लेकिन उन्हें अपनों और बच्चों की यादे सताने लगी थी। ऎसे में भी वो केवल मरने-मारने की बाते ही कर रहे थे।



















