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भारत समाचार

मंहगाई पर रिजर्व बैंक लगा सकता है लगाम

नई दिल्ली। मंहगाई को लेकर सरकार पर बढते दबाव को देखते हुए रिजर्व बैंक आगामी ऋण एवं मौद्रिक नीति की समीक्षा में कीमतों पर अंनकूश लगाने के उपायों की घोषणा कर सकता है। केन्द्रीय बैंक बाजार से नकदी सोखने के लिए नकद सुरक्षित अनुपात (सीआरआर)और रेपों दरें बढा सकता है जिसका असर ब्याज दरों पर होगा। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष एवं रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर डॉ.सी रगंराजन ने इसके संकेत दिए है। उनका कहना था कि मंहगाई पर लगाम कसने के लिए मौद्रिक नीति में कदम उठाए जाने की जरूरत है। उन्होने कहा मेरा मानना है कि मांग में नरमी के लिए मौद्रिक नीति की भूमिका है। प्राथमिका बेहतर आपूर्ति प्रबंधन को दी जानी चाहिए, लेकिन इसके साथ साथ मौंद्रिक कार्यवाही की जरूरत भी लगती है।
डॉ. रंगराजन ने कहा कि वर्ष की समाçप्त तक मुद्रा स्फीति का आंकडा केन्द्रीय बैंक के अनुमान से आगे निकल सकता है। उन्होने कहा कीमतों मे दिसंबर अंत और जनवरी की शुरूआत में कुछ नरमी आई है। आने वाले दिनों में भी बुछ और नरमी की उम्मीद है लेकिन फिर भी लगता है कि मार्च अंत तक यह अनुमान से कुछ ऊपर रहेगी। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने मार्च अंत तक मुद्रास्फीति 6.5 प्रतिशत तक रहने का अनुमान व्यक्त किया है। यह अनुमान बैंक की दूसरी तिमाही समीक्षा में व्यक्त किया गया था। इससे पहले बैंक ने पांच प्रतिशत का अनुमान लगाया था। उधर दिसंबर मंगहगाई का आंकडा 7.31 प्रतिशत पर पहुच गया है। इसे देखते हुए माना जा रहा है कि मार्च तक मंहगाई सरकारी आंकडे से ऊपर ही रहेगी।

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