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बीटी बैंगन से रतलाम के किसान भी चिंतित

टमाटर, कॉटन, गेंदा आदि के मामले में ऎसा ही हो रहा हैं। टमाटर की देसी किस्म लगभग खत्म हो गई है। हायब्रिड फसलें आकार के मामले में तो रिकॉर्ड तोड रही है लेकिन स्वाद और सेहत की दृष्टि से बिलकुल भी उपयोगी नहीं है। यहीं कारण है कि जब कुछ किसानों से इस संबंध में चर्चा की गई तो उन्होंने बीटी बैगन का भारत में प्रवेश नहीं होने देने की वकालत की। दूसरे देश एक के बाद एक फसलों पर पेटेंट कराते जा रहे है। इससे कृषि प्रधान देश को बीज के मामले में विदेशों पर ही निर्भर होना पडेगा और वे स्वेच्छा से कोई बीज नहीं बो सकेंगे।




















