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भारत समाचार

पुणे हमले का निशाना युवा: चिदम्बरम

मुंबई। पुणे के जर्मन बेकरी रेस्त्रा में शनिवार शाम हुए आंतकी धमाके में एक अहम सुराग मिला है। खुफिया एजेसियों की नजरें पुणे की एक महिला आईटी प्रोफेशलन और जम्मू कश्मीर स्थित लश्करे तैयबा सदस्य के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत पर भी है जो कुछ सप्ताह पहले पकडी गई थी । पुणें में बम धमाके में 9 लोगों की मौत हो गई जबकि 47 घायल हुए। मृतको में 4 विदेशी नागरिक शामिल थे। केन्द्रीय गृहमंत्री पी.चिदम्बरम ने आज कहा कि पुणे में कल शाम हुआ बम विस्फोट युवाओं को निशाना बना कर किया गया है। पुणे के कोरेगांव पार्क इलाके में कल शनिवार शाम जर्मन बेकरी में हुए आंतकवादी बम हमले में कुछ विदेशियों सहित कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई थी और 46 अन्य घायल हो गए। पुणे में आंतकवादी हमले के बाद भारत पर हुआ यह सबसे बडा आतकवादी हमला है।
मुंबई पर 26 नवम्बर 2008 को हुए आंतकवादी हमले के बाद भारत पर हुआ यह सबसे बडा आंतकवादी हमला है। हमले के बाद गृहमंत्री चिदम्बरम तत्काल पुणे के लिए रवाना हो गए और देर रात उन्होने घटनास्थल का दौरा किया तथा सुरक्षा एजेंसियों से हालात की जानकारी ली। आज सुबह आठ बजे गृहमंत्री ने पुणे विस्फोट के संबंध में विस्फोट के संभावित कारणों और जांच की कार्रवाई के बारे में एक पत्रकार सम्मेलन को संबोधित किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और गृहमंत्री आर आर पाटील उनके साथ थे लेकिन पत्रकारों के सवाल गृहमंत्री ने ही झेले और जवाब दिए।
गृहमंत्री ने इस बात से स्पष्ट इनकार किया कि खुफिया एजेंसियां हमले का पूर्वानुमान लगाने में असफल हुई। उन्होने कहा कि ओशी आश्रम और समीपस्थल यहूदी प्रार्थनास्थल कबाड हाउस-जिसके पास ही जर्मन बेकरी स्थित है। आंतकवादियों के निशाने पर थे और इसके बारे में राज्य सरकार को विभिन्न अवसरों पर सूचित किया गया था। ध्यान रहे, कल शाम को पुणे में इस बम विस्फोट की घटना के बाद मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा था कि उन्हें केन्द्र से ऎसे किसी हमले की पूर्व चेतावनी नही मिली थी। गृहमंत्री ने पूणे के उन अस्पतालों के डॉक्टरों, नर्सो क तारीफ की जहां बम विस्फोट के घायल भर्ती किए गए थे। उन्होने कहा कि इस आपात्कालीन स्थिति में घायलों को जिस तरह त्वरित औश्र समुचित उपचार उपलब्ध कराया गया उसकी उन्होने प्रशंसा की। एक सवाल के जवाब में गृहमंत्री ने कहा कि जर्मन बेकरी में हुए बम विस्फोट में न तो विदेशियों को और न ही भारतीयों को निशाना बनाया गया था, बल्कि आंतकियों का उद्देश्य हर नागरिकता के युवाओं को निशाना बनाया था जो इस बेकरी में बडी संख्या में आते है।

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