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भारत समाचार

मुश्किले बढी फार्मूला वन प्रबंधन की

नई दिल्ली, 27 अगस्त। खेल मंत्रालय के भारतीय ग्रां प्री के आयोजकों जेपीएसके स्पोट्र्स को 3 करोड 65 लाख डॉलर फार्मूला वन प्रबंधन को भेजने की स्वीकृति नहीं देने से इस रेस के भविष्य को लेकर अटकलबाजी बढ गई। आयोजकों की चुप्पी ने भी उनकी परेशानी बढा दी है। जेपीएसके स्पोट्र्स के प्रबंध निदेशक समीर गौड ने इस मामले में कुछ भी कहने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि मीडिया में जो भी आया आपने देखा है और मुझे इसके अलावा कुछ नहीं कहना है। खेल मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि यह सिर्फ रूपये भेजने के लिए अनुमति देने का मामला नहीं है। क्योकि विदेशी विनिमय प्रबंधन एक्ट "फेमा" से जुडा है। संयुक्त सचिव आई श्रीनिवास ने कहा कि मंत्रालय ने पैसे भेजने को स्वीकृति नहीं दी क्योकि यह उचित नहीं लग रहा था। श्रीनिवास ने कहा कि इस संबंध में और फेमा के अंतर्गत मंत्रालय को पैसे भेजना जरूरी नहीं लगा। उन्होंने लगभग 200 करोड रूपये बाहर भेजने के लिए हमारी सिफारिश मांगी थी जो मंत्रालय को लगा कि मोटर रेस के लिए उचित नहीं है। श्रीनिवास ने कहा हमें इस मुद्दे पर फैसला करना था और हमने फैसला किया है कि इसकी जरूरत नहीं है। खेल मंत्रालय के एक अन्य अधिकारी ने हालाकि नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर अधिक खुलकर बताते हुए कहा कि मुझे बताइये भारत में कितने लोगो को मोटरस्पोर्ट की परवाह है। यह काफी एलीट खेल है और वह भी तब जब आप इसे खेल कह सको।

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